रांची : झारखंड एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देशभर में उग्रवादी और आपराधिक संगठन को हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क का उद्भेदन करते हुए 5 लोगों की गिरफ्तारी किया गया है। इससे पहले भी हथियार सप्लाई मामले में 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सबसे खास बात यह है कि इससे पहले एटीएस ने हथियार सप्लाई मामले में सीआरपीएफ के जवान को गिरफ्तार किया था। तो वहीं इस बार पंजाब के बीएसएफ जवान को इस पूरे नेटवर्क के किंगपिन के रूप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं भारी मात्रा में हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

 झारखंड ATS को कैसे मिली बड़ी सफलता जानिए...

एटीएस द्वारा लगातार चलाया जा रहा है अभियान

एटीएस के द्वारा हथियार सप्लाई नेटवर्क का उद्भेदन का खुलासा करते हुए गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आईजी अभियान एवी होमकर ने बताया कि राज्य में जितने भी उग्रवादी संगठन और संगठित आपराधिक गिरोह है। उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए और उन्हें सप्लाई किए जा रहे आर्म्स चेन को तोड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसमें कई अंतर राज्य नेटवर्क उजागर हुए हैं।जो एक बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर झारखंड एटीएस की टीम कई दिनों से झारखंड राज्य के अलावा पंजाब,राजस्थान, वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र और एमपी में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी छापेमारी के क्रम में झारखंड एटीएस के द्वारा बड़े नेटवर्क का खुलासा किया गया है। जो पूरे भारतवर्ष में उग्रवादी संगठनों समेत बड़े बड़े अपराधी गिरोह को आर्म्स सप्लाई करता था।

सीआरपीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा

उन्होंने बताया कि झारखंड एटीएस के द्वारा पहले सीआरपीएफ 182 बटालियन के जवान अविनाश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई कड़ियां सामने आई और कई लोग पकड़े गए हैं।जिसके बाद पंजाब के फिरोजपुर बीएसएफ बटालियन 116 के एक जवान को इस नेटवर्क में किंगपिन रूप मैं चिन्हित करते हुए गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उस बीएसएफ कैंप से भारी मात्रा में कारतूस समेत कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए है।साथ ही बीएसएफ से वोलेंटियर रिटायर्ड एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

किनकी किनकी हुई गिरफ्तारी

वही एटीएस के एसपी प्रशांत आनंद ने बताया कि हथियार सप्लायर के गिरफ्तारी के बाद कई एजेंसियों को भी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। उसमें अरुण कुमार सिंह, बीएसएफ 116 बटालियन के वालंटियर रिटायरमेंट लिये हुए कॉन्स्टेबल है।जिन्हें बीएसएफ के जवानों को इस गिरोह में जोड़ने की जिम्मेवारी मिली थी।वंही कार्तिक बहरा 116 बीएसएफ बटालियन फिरोजपुर में कार्यरत था।इसके अलावा तीनों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र बुलढाणा जिले से कुमार गुरलाल, शिवलाल धवन और हीरालाल कुमार के रूप में हुई है। ये तीनो मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर इलाके में हथियार सप्लाई का अवैध रूप से काम कर रहे थे।