बिहार स्वास्थ्य विभाग का सभी जिलों को निर्देश : इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पटना: बिहार सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य के सभी36सदर अस्पतालों में रात के समय भी इमरजेंसी चिकित्सा सेवाएं पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध रहेंगी. इसके तहत मरीजों को केवल प्राथमिक उपचार ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आवश्यक पैथोलॉजी जांच की सुविधा भी रात में ही अस्पताल परिसर में मिलेगी.
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों, लैब तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि रात के समय आने वाले मरीजों का तत्काल इलाज हो सके. आवश्यक दवाओं और जांच संबंधी संसाधनों की भी उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है.
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को रात में जांच कराने के लिए निजी लैब या दूसरे अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. समय पर जांच और इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी तथा अनावश्यक रेफरल की संख्या भी कम होगी. जिला स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होने से मेडिकल कॉलेज अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी घटने की उम्मीद है.
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य राज्य के सभी सदर अस्पतालों को ऐसी सुविधाओं से लैस करना है, जहां24 घंटे गुणवत्तापूर्ण इमरजेंसी चिकित्सा सेवा उपलब्ध हो. सरकार का मानना है कि इस पहल से आम लोगों, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. रात में भी इलाज और आवश्यक जांच की सुविधा मिलने से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी, सुलभ और भरोसेमंद बनेंगी. यह कदम बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





