BIHAR POLITICS : जनांदोलनों और परिजनों के संघर्षों की जीत है CBI जांच की सिफारिश-भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य

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पटना : भाकपा माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार में घटितNEETछात्रा से जुड़ी बलात्कार–हत्या की जघन्य घटना को लेकरaisa,छात्र–महिलाओं व परिजनों के चल रहे व्यापक जनांदोलनों और लगातार बढ़ते दबाव के आगे अंततः बिहार सरकार को झुकना पड़ा है और उसनेCBIजांच की सिफारिश की है.

उन्होंने इसे जनसंघर्षों की जीत बताते हुए कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि केवलCBIजांच की सिफारिश पर्याप्त नहीं है. आवश्यकता इस बात की है कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सीटिंग जज के प्रत्यक्ष निर्देशन और निगरानी में कराई जाए,ताकि निष्पक्ष,स्वतंत्र और भरोसेमंद जांच सुनिश्चित हो सके.

माले महासचिव ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में बिहार सरकार और उसका पुलिस-प्रशासन शुरू से ही नकारात्मक और संदिग्ध भूमिका निभाता रहा है. पुलिस-प्रशासन का रवैया घटना को दबाने वाला,बलात्कार–हत्या जैसी संगीन सच्चाई से इनकार करने वाला तथा प्रभावशाली और रसूखदार आरोपियों को बचाने वाला रहा है. ऐसे में राज्य सरकार की एजेंसियों पर न्याय की जिम्मेदारी छोड़ना पीड़ित परिवार और समाज के साथ अन्याय होगा.

उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए,ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके. साथ ही,दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं.

माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य आज जहानाबाद जिले के पतियामा गांव भी पहुंचे,जहां उन्होंनेNEETछात्रा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय की इस लड़ाई में पार्टी और जनांदोलनों के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक परिवार की नहीं,बल्कि बिहार की बेटियों की सुरक्षा,सम्मान और न्याय की लड़ाई है,जिसे निर्णायक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा.

इस अवसर पर उनके साथ माले के वरिष्ठ नेता का. धीरेंद्र झा,शशि यादव,रामाधार सिंह,रामबली सिंह यादव,कुमार परवेज सहित अन्य साथी मौजूद थे.

न्याय की मांग को लेकरAIPWAऔरAISAके संयुक्त आह्वान पर‘बेटी बचाओ–न्याय यात्रा’का आयोजन किया जाएगा. यह यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर नालंदा,नवादा,गया, औरंगाबाद,अरवल एवंपटना जिलों से गुजरते हुए व्यापक जनसमर्थन जुटाएगी.

कार्यक्रम के तहत 3 फरवरी को पटना में जनसुनवाई,4 से 10 फरवरी तक‘बेटी बचाओ–न्याय यात्रा’और 10 फरवरी को पटना में विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा.

माले महासचिव ने आम जनता, लोकतांत्रिक संगठनों, महिला व छात्र संगठनों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करें और बिहार में बेटियों के लिए न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की इस लड़ाई को मजबूत बनाएं.

पटना से अंकिता की रिपोर्ट-