BIHAR NEWS : साइबर ठगी पीड़ितों के लिए राहत की पहल, फ्रीज खातों और अटकी रकम की शिकायत का रास्ता साफ
पटना: बिहार में साइबर ठगी के मामलों से परेशान लोगों के लिए MRM और GRM व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। साइबर अपराध की जांच के दौरान कई बार बैंक खाते फ्रीज या होल्ड कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित अपनी शिकायत दर्ज कराकर खाते से जुड़ी समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
GRM व्यवस्था के तहत फ्रीज या होल्ड बैंक खाते से संबंधित शिकायत की जा सकती है। इसके लिए संबंधित बैंक शाखा में लिखित आवेदन के साथ जरूरी KYC दस्तावेज जमा करने होंगे। बैंक स्तर पर लेन-देन और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पुलिस या जांच एजेंसी को रिपोर्ट भेजी जा सकती है।
बिहार में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच यह व्यवस्था उन लोगों के लिए अहम है, जिनके खाते किसी साइबर जांच या संदिग्ध लेन-देन के कारण प्रभावित हुए हैं। हालांकि, खाते को अनफ्रीज करने का अंतिम निर्णय जांच और लागू नियमों के अनुसार ही होगा।
वहीं, साइबर ठगी में फंसी रकम की वापसी के लिए MRM व्यवस्था का प्रावधान बताया गया है। NCRP पर दर्ज शिकायत वाले पीड़ित MRM पोर्टल के जरिए Refund Request दे सकते हैं। आवेदन के दौरान Complaint ID, PAN और बैंक से संबंधित जानकारी की जरूरत होगी।
बिहार के साइबर अपराध पीड़ितों के लिए जरूरी है कि वे शिकायत से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और शिकायत संख्या सुरक्षित रखें। किसी भी कार्रवाई से पहले आधिकारिक प्रक्रिया और संबंधित बैंक या जांच अधिकारी से जानकारी की पुष्टि करना जरूरी होगा।





