Hindi News / पटना HC ने अतिक्रमण विवाद सुलझाने हेतु 1 अगस्त, 2026 को स्थल निरीक्षण...

BIHAR NEWS : पटना HC ने अतिक्रमण विवाद सुलझाने हेतु 1 अगस्त, 2026 को स्थल निरीक्षण और नापी का समय किया निर्धारित

Edited By:  |
bihar news bihar news

Patna : पटना हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-84 के भोजपुर से बक्सर खंड के फोर-लेनिंग निर्माण मार्ग में आ रहे अतिक्रमण विवाद को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. जस्टिस राजीव रॉय की एकल पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी संबंधित पक्षों की सहमति से 1 अगस्त,2026 को स्थल निरीक्षण और नापी का समय निर्धारित किया है.

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया को चार सप्ताह के भीतर अंतिम रूप देकर अतिक्रमण हटाया जाए.

यह विवाद मेसर्स गजेंद्र ह्यूम पाइप से जुड़ा है. बक्सर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्लॉट बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित किया गया था. बाद में शर्तों का पालन न होने के कारण बियाडा द्वारा इस प्लॉट के आवंटन को रद्द कर 3 सितंबर,2024 को परिसर को सील कर दिया गया था.

इसी बीच, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग 84 के चौड़ीकरण कार्य के रास्ते में आ रहे इस परिसर को अवैध/अनाधिकृत कब्जा मानते हुए 31 मई 2026 को इसे हटाने का नोटिस जारी कर दिया. चूंकि परिसर बियाडा द्वारा पहले से सील था,इसलिए आवंटी ने पटना हाईकोर्ट की शरण ली थी.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान बियाडा की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता प्रशांत प्रताप ने कोर्ट को स्थिति से अवगत कराया और प्राधिकरण का हलफनामा पेश किया.

बियाडा के अधिवक्ता प्रताप ने अदालत में कहा कि बियाडा और एनएचएआई की जमीन के बीच सीमांकन के लिए अंचल अधिकारी और सरकारी अमीन की मौजूदगी में एक संयुक्त भौतिक माप कराई जानी चाहिए.

साथ ही,यदि परिसर में कोई अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाया जाता है,तो उसे हटाने के लिए बियाडा अस्थायी रूप से सील हटाकर सहयोग करने को तैयार है,बशर्ते सामग्री की सूची तैयार कर बाद में उसे पुनः सील किया जाए.

सभी सम्बन्धित पक्षों याचिकाकर्ता,बियाडा के अधिवक्ता,एनएचएआई और केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं की सहमति के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 1 अगस्त,2026 को सुबह ग्यारह बजे सभी पक्ष,स्थानीय अंचल अधिकारी और अमीन के साथ बक्सर स्थित संबंधित इकाई पर उपस्थित रहेंगे.

1 अगस्त,2026 को स्थल पर अवैध कब्जे को चिह्नित कर सीमांकन किया जाएगा. चिह्नित किए जाने के बाद सभी पक्ष अतिक्रमण हटाने में पूर्ण सहयोग करेंगे. चूंकि यह एनएचएआई की एक महत्वपूर्ण परियोजना है,इसलिए अतिक्रमण हटाने की यह पूरी प्रक्रिया 4 सप्ताह के भीतर पूरी की जाए.

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद बक्सर-भोजपुरNH-84 फोर-लेन परियोजना के निर्माण कार्य में आ रही एक बड़ी प्रशासनिक व कानूनी बाधा दूर होने का रास्ता साफ हो गया है.

पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-