BIHAR NEWS : पॉश संबंधित हर मामलों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच हो - एमडी डॉ. प्रीति
पटना : कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और उत्पीड़न-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से गुरुवार को ‘पॉश’ (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला में विभिन्न विभागों की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया.
इस मौके पर महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति ने कहा कि पॉश कार्यशाला को महज औपचारिकता नहीं मानना चाहिए. इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी प्रदान करना तथा शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करना है. उन्होंने आईसीसी सदस्यों से आह्वान किया कि उनके पास आने वाली प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करें तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करें.
प्रतिभागियों को ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013’ के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई. अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है. यदि किसी विभाग के कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर हैं तो प्रत्येक प्रशासनिक इकाई में अलग-अलग समिति गठित की जाएगी. समिति की अध्यक्षता संबंधित संस्थान की वरिष्ठ महिला कर्मचारी करेंगी, जबकि अन्य सदस्यों का मनोनयन नियोक्ता द्वारा किया जाएगा. जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी स्थानीय समिति का गठन करते हैं, जो 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों तथा नियोक्ता के विरुद्ध शिकायतों की सुनवाई करती है.
कार्यशाला में लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा स्पष्ट की गई. शारीरिक स्पर्श, यौन संबंध बनाने का दबाव या अनुरोध, अश्लील या यौन संकेत वाली टिप्पणियां, अश्लील साहित्य, तस्वीरें या अन्य आपत्तिजनक सामग्री दिखाना तथा किसी भी प्रकार का शारीरिक, मौखिक या सांकेतिक अशोभनीय व्यवहार लैंगिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है.
कार्यशाला में विभाग की नोडल पदाधिकारी अंकिता कश्यप, सीथ्री संस्था के प्रतिनिधि गुंजन बिहारी, विभिन्न विभागों के आईसीसी सदस्य तथा निगम के अधिकारी उपस्थित रहे.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--





