BIHAR NEWS : भाकपा का शताब्दी समारोह और पूर्व महासचिव कॉमरेड ए.बी.बर्धन की पुण्यतिथि मनाई गई
पटना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी वर्ष समारोह और भाकपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड ए.बी. बर्धन की 11वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को अवर अभियंता संघ भवन में मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत झंडोत्तोलन, शहीदों के याद में बनाये गये शहीद बेदी, पार्टी संस्थापकों और पूर्व महासचिव कॉमरेड ए.बी. बर्धन की तैल चित्र पर पुष्पांजलि के साथ प्रारंभ हुई.
झंडोत्तोलन भाकपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद का. कॉमरेड नागेन्द्रनाथ ओझा ने किया. इस मौके पर भाकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्ता से फासीवादी रास्ते पर चलने वाली जन विरोधी केंद्र की नरेंद्र मोदी और बिहार की डबल इंजन सरकार के खिलाफ जन संघर्ष तेज करने और बिहार में पार्टी की जनाधार को मजबूत करने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड डॉ. गिरीश चंद्र शर्मा ने कहा कि भाकपा का इतिहास संघर्ष और शहादत का इतिहास रहा है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर में हुई. देश को आजादी दिलाने में भाकपा ने महती भूमिका निभाई. केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार देश को फासीवादी रास्ते पर ले जा रही है. केंद्र सरकार गरीबों की नहीं पूंजीपतियों की है. सरकार सभी फैसले मोदी-अडानी और पूंजीपतियों के हित में लेती है. देश की जनता कराह रही है. देश भयंकर बेरोजगारी की संकट के दौर से गुजर रहा है.
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार वोट चोरी से बनी है. चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराये गए और चुनाव के दौरान सरकारी धन से वोट खरीदा गया. केंद्र की मोदी सरकार नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की वैशाखी पर चल रही है. उन्होंने कहा कि मजबूत कम्युनिस्ट पार्टी ही साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ सकती है. इसलिए सीपीआई को बिहार में फिर से मजबूत करो ताकि केंद्र से साम्प्रदयिक भाजपा सरकार को सत्ता से हटाया जा सके.
भाकपा के पूर्व सांसद नागेन्द्र नाथ ओझा ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का इतिहास गौरवशाली है. देश में कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने में भाकपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. केंद्र सरकार देश को फासीवादी रास्ते पर ले जा रही है. यह सरकार संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. संविधान और लोकतंत्र खतरे में है. दलितों,आदिवासियों,महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं. हमारा पहला लक्ष्य केंद्र की सत्ता से साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करने वाली भाजपा सरकार को हटाना है. भारतीय कम्युनिस्सट पार्टी बैंकों का राष्ट्रीय कारण,राजा महाराजाओं का प्रिवीपर्स और मजदूरों के हक में कानून बनबाने का कार्य किया.
समारोह को पार्टी के वरिष्ठ नेता का॰ प्रो॰ एम॰ जब्बार आलम ने भी संबोधित किये. उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया.
भाकपा की गौरवशाली इतिहास को देश की जनता को बताने की जरूरत है.
समारोह की अध्यक्षता करते हुए, भाकपा के राज्य सचिव राम नरेश पाण्डेय ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी संघर्ष को तेज करेगी. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को इस बात का फक्र है कि भारतीय राजनीतिक परिदृश्य की उसकी समझदारी कालान्तर में सही साबित हो रही है और धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक एवं वामपक्षी शक्तियाँ एकजुट होकर आर-पार की लड़ाई के मार्ग पर अग्रसर हो रही है. पार्टी के शताब्दी वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर हम अपने संकल्प को पुनः दुहराते हैं कि संघ-भाजपा की खतरनाक विचार आम जनविरोधी तथा कॉरपोरेट परस्त नीतियों और क्रियाकलापों से मुक्त समावेशी भारत-भावना से प्रेरित अनुप्रमाणित नये भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभायेंगे और शताब्दी वर्ष में अपनी राजनीतिक-सांगठनिक विस्तार सुनिश्चित करते हुए पार्टी के ऐतिहासिक कार्यभार-जनवादी क्रांति के मार्फत समाजवादी समाज की रचना के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेंगे. शताब्दी समारोह में प्रस्ताव राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेंद्र सौरभ सौरभ ने पेश किया. समारोह में सैकड़ों पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. इस मौके पर इप्टा के कलाकारों ने जनवादी गीतों की प्रस्तुति की.





