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BIHAR NEWS : ग्रामीण हाटों के विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड के साथ तैयार होगी कार्ययोजना

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पटना :ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को विभागीय सभागार में नाबार्ड की तरफ से संचालित ग्रामीण सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम से संबंधित विभिन्न योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की संभावनाओं पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

बैठक में ग्रामीण हाटों के विकास,महिला उद्यमिता,कौशल विकास,ग्रामीण पर्यटन,तकनीकी नवाचार और ग्रामीण उत्पादों के विपणन को सशक्त बनाने के लिए विभाग एवं नाबार्ड के बीच सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई.

नाबार्ड के अधिकारियों ने कौशल विकास कार्यक्रम,माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम, लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम,ग्रामीण हाट,रूरल मार्ट, ग्राम विहार (ग्रामीण पर्यटन), महिला सूक्ष्म उद्यम कौशल उन्नयन योजना,रूटेज स्मार्ट विलेज सेंटर और ग्रामीण एम्पोरियम जैसी योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया. प्रधान सचिव ने कहा कि ग्रामीण हाट स्थानीय उत्पादों के विपणन, महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. उन्होंने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर विभाग एवं नाबार्ड के समन्वय से विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग एवं नाबार्ड के बीच बेहतर समन्वय है. ऐसे में नाबार्ड के सहयोग से ग्रामीण हाटों के विकास में मौजूद तकनीकी अंतराल को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है.

इस दौरान बताया गया कि सात निश्चय-3के अंतर्गत दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के लक्ष्य और चतुर्थ कृषि रोडमैप के अनुरूप राज्य के725ग्रामीण हाट बाजारों (447हाट एवं278बाजार) को विकसित करने की योजना है. इससे मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभार्थियों,जीविका दीदियों एवं अन्य ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा. बैठक में ग्रामीण हाटों के लिए तैयार तीन मॉडल पर भी चर्चा की गई, जिनमें शेडयुक्त चबूतरे, पेयजल, शौचालय, जीविका दीदियों के लिए स्थायी दुकानें, बहुउद्देशीय भंडारण कक्ष, कचरा प्रबंधन और बड़े मॉडल में दीदी की रसोई जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी. इसके अतिरिक्त ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास,स्वयं सहायता समूहों की उद्यमिता,महिलाओं के लिए कलस्टर आधारित सूक्ष्म उद्यम, ग्रामीण पर्यटन,रूटेज स्मार्ट विलेज सेंटर के माध्यम से कृषि,आजीविका,नवीकरणीय ऊर्जा एवं अन्य क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के प्रसार पर भी विस्तार से चर्चा हुई.

बैठक के अंत में विभाग एवं नाबार्ड के अधिकारियों ने ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तीकरण,तकनीकी नवाचार एवं बाजार आधारित विकास को गति देने के लिए योजनाओं के प्रभावी अभिसरण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर सहमति व्यक्त की. बैठक में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा,वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त अनन्या सिंह के साथ नाबार्ड के उच्च पदाधिकारी मौजूद रहे.

पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--