BIHAR NEWS : सरकारी स्कूलों के भवन को भगवा रंग में रंगे जाने पर सियासत,विपक्ष ने उठाया सवाल
पटना:बिहार में सरकारी स्कूलों के भवनों के रंग-रोगन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. स्कूलों को भगवा रंग में रंगे जाने के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे शिक्षा के बजाय रंग की राजनीति करार दिया है. आरजेडी नेताओं ने सवाल उठाया है कि आखिर सरकारी स्कूलों के लिए भगवा रंग का ही चयन क्यों किया गया और इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है.
JDU का पलटवार,अपने शासनकाल की दिलाई याद
आरजेडी के आरोपों पर जनता दल (यूनाइटेड) ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को रंगों पर राजनीति करने से पहले अपने शासनकाल की योजनाओं को याद करना चाहिए. जेडीयू नेताओं ने चरवाहा विद्यालय योजना का हवाला देते हुए पूछा कि उस समय विद्यालयों के रंग और स्वरूप पर किसी ने सवाल क्यों नहीं उठाया. पार्टी का कहना है कि सरकार का उद्देश्य केवल स्कूलों के भवनों का सौंदर्यीकरण और एकरूपता लाना है,इसे राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है.
AIMIMने सरकार से स्कूलों के रंग चयन प्रक्रिया पर उठाया सवाल
इस विवाद में AIMIM भी कूद गई है. पार्टी ने सरकार से स्कूलों के रंग चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और आधारभूत सुविधाओं जैसे मुद्दें ज्यादा महत्वपूर्ण है. ऐसे में सरकार को रंगों की बजाय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए.
BJP कीप्रतिक्रिया नहीं आने परविपक्ष में बौखलाहट
वहीं, इस पूरे विवाद में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आने पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है. विपक्ष का कहना है कि बीजेपी इस मुद्दें पर चुप्पी साधे हुए है.जबकि, यह फैसला सरकार के स्तर पर लिया गया है.
स्कूलों के रंग केमुद्दें पर आरोप-प्रत्यारोप जारी
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण स्कूलों के रंग का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक बहस का विषय बन गया है.जहां एक ओर सरकार इसे प्रशासनिक और सौंदर्यीकरण से जुड़ा निर्णय बता रही है.वहीं, विपक्ष इसे वैचारिक और राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देख रहा है.आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और चुनावी राजनीति में भी गर्मा सकता है.





