BIHAR NEWS : कैथी लिपि के पुराने जमीन दस्तावेजों का अब आसानी से होगा देवनागरी में अनुवाद, राजस्व विभाग ने बनाई नई व्यवस्था
पटना:बिहार में कैथी लिपि में लिखे पुराने जमीन और राजस्व दस्तावेजों को पढ़ने-समझने में लोगों को होने वाली परेशानी अब दूर होगी.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऐसे दस्तावेजों का देवनागरी लिपि में सहज अनुवाद कराने की व्यवस्था की है.इसके लिए राज्यभर में29कैथी लिपि परामर्शदाताओं को जिलावार सूचीबद्ध किया गया है.
विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक,कैथी लिपि में दर्ज पुराने दस्तावेजों का अनुवाद कराने के लिए निर्धारित परामर्शदाताओं से संपर्क किया जा सकता है.इसके लिए220रुपये प्रति पृष्ठ शुल्क तय किया गया है.सूची में शामिल दो कैथी लिपि विशेषज्ञ मुख्यालय स्तर पर भी उपलब्ध हैं.
आम नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग ने बिहारभूमि पोर्टल पर विशेषज्ञों से संपर्क करने की व्यवस्था की है.नागरिक बिहारभूमि पोर्टल पर जाकर जिलावार सूची में शामिल कैथी लिपि विशेषज्ञों की जानकारी और उनके मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं.इसके बाद जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ से संपर्क कर पुराने दस्तावेजों का अनुवाद कराया जा सकता है.
कैथी लिपि में लिखे दस्तावेजों में जमीन की खरीद-बिक्री,स्वामित्व,लगान और अन्य महत्वपूर्ण राजस्व संबंधी जानकारियां दर्ज हो सकती हैं.पुरानी लिपि से अपरिचित लोगों के लिए इन दस्तावेजों को पढ़ना चुनौतीपूर्ण होता है.नई व्यवस्था से ऐसे दस्तावेजों को समझने और उनमें दर्ज जानकारी का उपयोग करने में आम लोगों को सुविधा मिलेगी.
विभाग ने नागरिकों को किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए बिहारभूमि के जन शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.सरकार का उद्देश्य पुराने भूमि दस्तावेजों को लोगों के लिए अधिक सुलभ और उपयोगी बनाना है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





