बिहार में जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी : आंशिक भूमि अधिग्रहण के बाद बची हुई जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक हटाने का फैसला
पटना: राज्य सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए आंशिक भूमि अधिग्रहण के बाद बची हुई जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
अब यदि किसी खेसरा या भूखंड का केवल एक हिस्सा किसी सरकारी परियोजना के लिए अधिग्रहित किया जाता है, तो केवल उसी अधिग्रहित हिस्से पर खरीद-बिक्री की रोक लागू होगी। शेष बची जमीन की रजिस्ट्री, खरीद-बिक्री और अन्य लेन-देन पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। इससे उन हजारों भू-स्वामियों को राहत मिलेगी, जिन्हें आंशिक अधिग्रहण के बावजूद पूरी जमीन पर रोक के कारण वर्षों तक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
दरअसल, केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान संबंधित जमीन का विवरण निबंधन कार्यालयों को भेजा जाता है। व्यवहार में कई बार ऐसा होता था कि जिस खेसरा का केवल एक हिस्सा अधिग्रहित होता था, उसके पूरे खेसरे की खरीद-बिक्री रोक दी जाती थी। कई मामलों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यह रोक जारी रहती थी, जिससे जमीन मालिक अपनी शेष भूमि का उपयोग या विक्रय नहीं कर पाते थे।
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में केवल अर्जनाधीन भूमि के हिस्से पर ही प्रतिबंध रहेगा। अधिग्रहण से बाहर बची जमीन का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण भू-स्वामी अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले से भूमि लेन-देन की प्रक्रिया आसान होगी और जमीन मालिकों को लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक दिक्कतों से राहत मिलेगी।





