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JHARKHAND NEWS : राजयसभा सांसद नाथवानी के सवालों का मिला जवाब -झारखंड को पिछले 5 वर्षों में कैम्पा के तहत 3,310 करोड़ रुपये मिले

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पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मोर्चे पर झारखंड से एक बहुत ही सकारात्मक और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के जंगलों को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है।हाल ही में संसद में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा झारखंड को कैम्पा (CAMPA) फंड के तहत हजारों करोड़ रुपये की सहायता मिली है।30 जुलाई, 2026 को राज्यसभा सांसद श्री परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में, पर्यावरण, राज्य मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह ने आंकड़े साझा किए।इसके मुताबिक:

राष्ट्रीय कैम्पा के तहत पिछले 5 वर्षों में झारखंड को 3,310.45 करोड़ रुपये मिले हैं।इसके अलावा, 'नगर वन योजना' के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए 22.3 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है।सबसे बड़ी बात यह है कि इस फंड के जरिए पिछले 5 वर्षों में झारखंड के भीतर कुल 78,423.96 हेक्टेयर यानी लगभग अठत्तर हजार हेक्टेयर खराब वन भूमि का सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है। इसमें प्राकृतिक पुनर्जनन, कृत्रिम वनीकरण, मिट्टी और नमी संरक्षण के उपायों के साथ-साथ स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाना शामिल है.सिर्फ वनीकरण ही नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए भी झारखंड में विशेष कदम उठाए गए हैं। जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन कोष (NAFCC) के तहत झारखंड में एक महत्वपूर्ण परियोजना चलाई गई है।

इस परियोजना का शीर्षक है— 'झारखंड के दो क्षेत्रों में वनों और उन पर निर्भर समुदायों के जलवायु लचीलेपन को बढ़ाना', जिसके लिए 24.73 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे ताकि स्थानीय लोग और जंगल बदलते मौसम के मिजाज का मुकाबला कर सकें।विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक राष्ट्रीय अध्ययन में झारखंड को जलवायु जोखिमों के मामले में 'अत्यधिक संवेदनशील' श्रेणियों में रखा गया है। यही वजह है कि राज्य जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ (SCCC) के जरिए क्षमता-निर्माण और जन-जागरूकता के कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं, ताकि झारखंड की पारिस्थितिकी को सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके।