बिहार के मुख्य सचिव ने की हाई लेवल मीटिंग : पटना मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
पटना:बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को पटना मेट्रो रेल परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने परियोजना में छह वर्ष की देरी पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से कार्य की गति दोगुनी करने और संशोधित समय-सीमा के भीतर हर हाल में परियोजना पूरी करने को कहा।
बैठक में परियोजना की भौतिक और वित्तीय प्रगति, फंड की उपलब्धता, ट्रैफिक डायवर्जन और निर्माण कार्यों की बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने डिपॉजिट वर्क्स के तहत चल रहे कार्यों के लिए 1100 करोड़ रुपये का फंड निर्बाध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि धन की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित न हो।
विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जू स्टेशन के आसपास प्रस्तावित ट्रैफिक डायवर्जन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक मार्शल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मुख्य सचिव ने विकास भवन और विद्युत भवन स्टेशन निर्माण में बाधा बन रहे एसबीआई एटीएम, पुलिस बूथ, फलों की दुकानों और बाउंड्री वॉल जैसी संरचनाओं को संबंधित विभागों के समन्वय से जल्द हटाने का भी निर्देश दिया।
बैठक में पटना मेट्रो के विभिन्न चरणों की नई समय-सीमा भी तय की गई है। कॉरिडोर-1 के मीठापुर से खेमनी चक तक 3.1 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड खंड को जून 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं,कॉरिडोर-2 के राजेंद्र नगर स्टेशन/मलाही पकड़ी रैंप से आकाशवाणी स्टेशन/पटना जंक्शन शाफ्ट तक 8 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड खंड को वर्ष 2028 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि पटनावासियों का मेट्रो का सपना जल्द पूरा किया जाए।





