BIG BREAKING : जदयू ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची जारी की, संजय झा फिर बने कार्यकारी अध्यक्ष
NEWS DESK : जनता दल यूनाइटेड ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी है. पार्टी अध्यक्ष Nitish Kumar ने नई टीम का गठन किया है. संजय कुमार झा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. Dinesh Prasad Kushwaha को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है. वहीं Alok Kumar Suman कोषाध्यक्ष बने हैं. कई नेताओं को महासचिव और सचिव पद पर जिम्मेदारी मिली है. 22 अप्रैल 2026 को आधिकारिक सूची जारी हुई है. जदयू दफ्तर, नई दिल्ली से प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई है. संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी पर फोकस किया गया है. नई टीम से जदयू में सियासी हलचल तेज है.
जदयू ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी कर दी है, जिसे पार्टी अध्यक्ष Nitish Kumar की ओर से गठित किया गया है. इस सूची में Sanjay Kumar Jha को कार्यकारी अध्यक्ष, Dinesh Prasad Kushwaha को उपाध्यक्ष और Alok Kumar Suman को कोषाध्यक्ष बनाया गया है. चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को पार्टी ने उपाध्यक्ष बनाया. अशोक चौधरी को महासचिव का पदभार मिला है. राजीव रंजन को सचिव और प्रवक्ता का जिम्मा मिला है. कुल 24 पदाधिकारियों की इस टीम में कई नेताओं को महासचिव और सचिव जैसे अहम पद दिए गए हैं.
इस नई टीम के गठन को महज औपचारिक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे गहरे राजनीतिक संकेत छिपे हैं. सबसे पहले, यह कदम साफ करता है कि जदयू अब अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के मूड में है. लंबे समय से पार्टी पर यह सवाल उठता रहा है कि जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ कमजोर हो रही है. ऐसे में नई टीम के जरिए नेतृत्व ने संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश की है.
दूसरा बड़ा संकेत चुनावी तैयारी का है. इतनी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों की नियुक्ति बताती है कि पार्टी अब आगामी लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपने कैडर को सक्रिय करना चाहती है, ताकि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा सके.
तीसरा पहलू सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का है.नई सूची में विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के नेताओं को शामिल कर पार्टी ने संतुलन साधने की कोशिश की है.बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं,और जदयू इस संतुलन के जरिए अपना जनाधार मजबूत करना चाहती है.
इसके अलावा, यह फैसला पार्टी के भीतर एक स्पष्ट संदेश भी देता है—सक्रिय और भरोसेमंद नेताओं को ही जिम्मेदारी मिलेगी. कुल मिलाकर, यह नई टीम जदयू की आगामी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें संगठन विस्तार, चुनावी मजबूती और गठबंधन राजनीति में अपनी स्थिति को और मजबूत करना शामिल है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





