Special Report : कटिहार जिले के बरारी विधानसभा का क्या है 2025 में हाल, चुनावी रण में कौन ठोक सकता है ताल, क्या होगा मुद्दा, देखिए स्पेशल रिपोर्ट

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What is the condition of Barari assembly of Katihar district in 2025 What is the condition of Barari assembly of Katihar district in 2025

KATIHAR : कटिहार जिला का बरारी विधानसभा क्षेत्र गंगा नदी और कोशी नदी से घिरा हुआ इलाका है। ये कटाव और विस्थापितों से जूझता इलाका माना जाता रहा है। गंगा और कोशी नदी से घिरा हुआ इलाका यहां हमेशा अपराधियों की दहशत से परेशान रहा है।

2020 के विधानसभा चुनाव में ये सीट भाजपा के हाथ से निकल कर जदयू के हाथ में चली गयी थी। यहां से जदयू के वर्तमान विधायक विजय कुमार सिंह हैं, जो राजद के प्रत्याशी दिवंगत नीरज कुमार को चुनाव में लगभग 10500 वोट से हराया था। उससे पहले 2015 में बरारी सीट से आरजेडी के दिवंगत नीरज कुमार ने बीजेपी के विभाश चंद्र चौधरी को 14,336 वोटों से हराया था।

विभाश चंद्र यहां से अक्टूबर 2005 और 2010 का चुनाव जीत चुके हैं। कटिहार की बरारी सीट पर सभी की नजरें हैं। इस सीट पर अब तक कुल 16 चुनाव हुए हैं। इनमें 5 बार कांग्रेस, दो-दो बार बीजेपी ओर आरजेडी और एक-एक बार जदयू , NCP, जनता दल, लोकदल, जनता पार्टी, माकपा और निर्दलीय जीते हैं।

2015 में बरारी सीट से आरजेडी के नीरज कुमार ने बीजेपी के विभाश चंद्र चौधरी को 14,336 वोटों से हराया था। विभाश चंद्र यहां से अक्टूबर 2005 और 2010 का चुनाव जीत चुके हैं। उनसे पहले फरवरी 2005 में यहां से NCP के मोहम्मद शाकूर दूसरी बार जीते थे। इससे पहले मोहम्मद शाकूर 1972 में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे। इस सीट पर मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है। राजपूत, ब्राह्मण, पासवान और यादव, निषाद जाति अहम भूमिका में है।

बरारी सीट पर कई प्रत्याशी की नजर है...

2020 के चुनाव से पहले राजद के पूर्व विधायक दिवंगत नीरज कुमार का इस सीट पर काफी दबदबा था लेकिन उनकी मौत के बाद यह सीट पर अब उनकी पत्नी बेबी देवी लगातार जनता से जनसम्पर्क करते देखी जा रही हैं। तेजस्वी यादव का भरोसा इनके साथ है। कहा जाता है कि नीरज कुमार के देहांत के बाद पार्टी आलाकमान ने क्षेत्र में मेहनत करने को कहा है। कई बार बड़े कार्यक्रम में भी तेजस्वी यादव और पार्टी के बड़े नेता के साथ मंच साझा करते दिखाई दी हैं। उम्मीद जताया जा रहा है कि जिस तरह 2015 में नीरज कुमार ने बरारी में विकास की आस जगायी थी, उसको बेबी कुमारी आगे बढ़ाएंगी क्योंकि अभी स्थानीय विधायक जो जदयू से हैं, उन्होंने मात्र 10500 मत से विजयी हुए थे लेकिन स्थानीय लोगो में वर्तमान विधायक को लेकर नाराजगी देखी जा रही है लेकिन एनडीए के भरोसे अपनी नैया पार होने की भी संभावना जता रहे हैं।

विधायक ने कटाव पीड़ितों के लिए पहल तो की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भरे मंच से बांसगीत पर्चा भी दिलवाने का काम किया था लेकिन जनता कितना भरोसा इन पर जताती है, वो देखने वाली बात होगी ।

अब बात करते है चेहरों की तो .....

बरारी विधानसभा से राजद के संभावित उम्मीदवार

1. बेबी कुमारी (स्वर्गीय नीरज कुमार, पूर्व विधायक की धर्मपत्नी)

2. कुंदन यादव, पूर्व एमएलसी उम्मीदवार

3. राकेश यादव, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी

4. सगीर शेरशाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, शेरशाहवादी विकास मंच

5. महेंद्र नारायण साह, मुखिया जी समेली प्रखंड

6. कौशल किशोर यादव, जिलाध्यक्ष, मुखिया संघ

7. वंदना यादव, पूर्व मंत्री महेन्द्र नारायण यादव प्राणपुर की पुत्री

8. शालीग्राम यादव, पूर्व मुखिया रौनिया

9. गोपाल यादव, पूर्व जिला परिषद सदस्य

10. मणिकांत यादव, पूर्व प्रमुख समेली .

11. मति-उर-रहमान, पूर्व मुखिया बैसागोविंदपुर - जन सुराज पार्टी

12. मो. परवेज आलम, पूर्व मुखिया बरेटा सेमापुर - जनसुराज पार्टी

13. उमेश सिंह निषाद - मत्स्यजीवी मंत्री बरारी - वीआईपी .

14. गुणसागर पासवान जिला पार्षद

15 . राजकिशोर यादव - गांधी ग्राम

16. संयोगिता सिंह - पूर्व प्रत्याशी, बरारी विधानसमा क्षेत्र

नोट= संख्या बढ़ भी सकती है आने वाले समय में।

बरारी विधानसभा की मूलभूत समस्या (जटिल व मूल समस्या)

1. काढागोला पीरपैती के बीच गंगा पर पुल सह संपर्क पथ का निर्माण

2. गंगा कटाव से पीड़ित किसानों की ऋण माफी की जाए.

3. केसीसी ऋण एक लाख का नौ लाख, दो लाख का 15 लाख, तीन लाख का 25 लाख, चार लाख का 32 लाख किसानों को नोटिस देकर किया जा रहा है। किसान हो रहे हैं परेशान।

4. दियारा क्षेत्रों गंगा के दोनों ओर किसानों की करीब हजारों एकड़ जमीन पर किसान बेदखल

5. भूदानी जमीन का पर्चा नहीं होने से विवाद बढ़ा

6. काढ़ागोला गंगा घाट पर रीवर डेवलपमेंट नहीं किया जाना

7. विस्थापित परिवार को बसोवास पर्चा की समस्या

8. ऐतिहासिक काढागोला गंगा घाट पर रोजाना आवागमन में गंगा दार्जलिंग रोड पर रेल ओवर ब्रिज

9. गंगा पार 25 हजार आबादी का पंचायत बकिया सुखाय की जनता का प्रखंड मुख्यालय बरारी एवं जिला मुख्यालय से संपर्क नहीं

इस बार 2025 का रण कई मुद्दों पर अहम होगा।