Lucknow:-बिहार की तरह ही यूपी में भी निकाय चुनाव में आरक्षण का मामला पेंजीदा बन गया है और इलाहाबाद की लखनऊ बेंच ने निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को तत्काल रद्द कर दिया है और ओबीसी की सीट को जेनरल सीट के रूप में घोषित कर चुनाव कराने का निर्देश दिया है.कोर्ट ने dedicated commission की रिपोर्ट के बाद ही ओबोसी को आरक्षण दिए जाने की बात कही है.हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यूपी में निकाय चुनाव को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है.हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट करके कहा कि राज्य में पिछड़े वर्ग के लोगों के अधिकारो से समझौता नहीं किया जाएगा.केसव के अनुसार कोर्ट के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है और इस आदेश पर विशेषज्ञों की राय ली जाएगी और उसके बाद सरकार आगे का फैसला लेगी.सरकार के फैसले में पिछड़े वर्ग के अधिकारो से समझौता नहीं किया जाएगा.

HIGHCOURT ने ओबीसी आरक्षण किया रद्द..विकल्पों पर विचार कर रही है योगी सरकार

वहीं कोर्ट के निर्णय के बाद समाजवादी नेता और राज्य के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है.अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी ने जान बूझकर ओबीसी आरक्षण खत्म करवाया है.सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का पालन करने के लिए किसी तरह का कदम नहीं उठाया और अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद घड़ियाली आंसू बहा रही है.यानी अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.

बताते चलें कि बिहार में लगभग यही स्थिति आयी थी और बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक कमीशन बनाकर उसकी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव करवा रही है.पहले चरण का मतदान और परिणाम आ चुका है और दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान कल 28 दिसंबर को होना है.