उपायुक्त ने की समीक्षात्मक बैठक : तीन दिनों में उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश, योजनाओं के प्रगति पर हुई चर्चा
चाईबासा:समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक हुई. खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद द्वारा विभिन्न कार्यकारी विभागों के माध्यम से आधारभूत संरचना निर्माण के लिए संचालित योजनाओं के प्रगति को लेकर चर्चा हुई.
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद से तकरीबन 1712 करोड़ रुपए की राशि विभिन्न संरचना निर्माण के लिए अलग-अलग कार्यकारी विभाग को रिलीज की गई है. जिसमें 1387 करोड़ की राशि व्यय हुई है और इसमें 1273 करोड़ रुपए की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त है. डीसी ने सभी कार्यकारी विभाग लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र से संबंधित योजनाओं का जांच करते हुए तीन दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया.
बैठक में बताया गया कि विभिन्न कार्यकारी विभागों के पृथक-पृथक खातों में डीएमएफटी मद के तकरीबन 295 करोड़ रुपए की राशि अवशेष है. जिसके संदर्भ में उपायुक्त ने निर्देश कि सभी सलंग्न कार्यकारी विभाग अपने-अपने खाते में पड़े राशि का मूल्यांकन करते हुए जो राशि एक साल से अधिक समय से खातों में पड़े हैं,उन सभी राशि को नियम अनुसार एक सप्ताह में वापस सुनिश्चित करें. बैठक में उपायुक्त द्वारा डीएमएफटी अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं से संबंधित प्रतिवेदन का समीक्षा करते हुए संलग्न कार्यपालक अभियंता एवं डीएमएफटी पीएमयू दल को निर्देश दिया. इसके अलावा वर्ष 2024-25 में विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में टेंडर निष्पादन व एग्रीमेंट का जांच करते हुए संबंधित भौतिक प्रतिवेदन उपलब्ध करवाने के लिए भी निर्देशित किया गया.
वहीं, डीएमएफटी मद से वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर 2024-25 में स्वीकृत एवं विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में से लंबित योजनाओं से संबंधित प्रतिवेदन का भी बिंदु वार समीक्षा किया गया. उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2022-23 तक स्वीकृत जिन भी योजनाओं में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं है और वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत जिन भी योजनाओं में अब तक कार्य प्रगति शून्य है. उन सभी योजनाओं को रद्द करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अलग-अलग कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं में जिस विभाग द्वारा योजनाओं में अपेक्षित प्रगति प्राप्त किया जाएगा, उसी कार्यकारी विभागों को नई योजनाएं आवंटित की जाएगी.
चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट





