आरा सिविल कोर्ट में बम विस्फोट मामला : पटना HC में लम्बू शर्मा व अन्य द्वारा निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई

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Patna : पटना हाईकोर्ट द्वारा आरा सिविल कोर्ट परिसर में हुए बम धमाके में मृत्युदंड पाये लम्बू शर्मा व अन्य लोगों द्वारा निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई की जा रही है. चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ द्वारा इन अपीलों पर सुनवाई की जा रही है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि सभी सजायाफ्ता को कोर्ट में ऑन लाइन उपस्थित रखा जाये. कोर्ट ने कहा कि सजा पाये लोग अदालती कार्यवाही में वर्चुअल रूप में उपस्थित रहेंगे.

कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया कि ये लोग विभिन्न जेलों में बंद हैं. इन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक वकील दिया जाये. ये वकील उन्हें कोर्ट में हो रही कार्यवाही और सुनवाई के सम्बन्ध में बताएंगे.

23जनवरी,2015की आरा सिविल कोर्ट परिसर में एक महिला आत्माघाती ने स्वयं को बम विस्फोट से उड़ा दी और उस घटना में दो और लोगों की मौत हुई.

इसका उद्देश्य अपराधी को भगाने का था. इस घटना में कई लोग घायल भी हुए. इस अफरा तफरी का लाभ उठा कर अपराधी लम्बू शर्मा अन्य अपराधियों के साथ भाग गया.

इस मामले में जज अपर जिला व सेशन जज त्रिभुवन यादव ने21अगस्त,2019को विभिन्न भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों व विस्फोटक अधिनियम के तहत लम्बू शर्मा को मृत्युदंड दिया. साथ ही बाइस हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया.

शेष सात को उम्रकैद की सजा दी गयी. इसमें चांद मियां,नईम मियां,अखिलेश उपाध्याय,रिंकू यादव,प्रमोद सिंह,श्याम विनय शर्मा व अंशु कुमार को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई.

कोर्ट ने अखिलेश उपाध्याय को वयालिस हजार रुपए व अन्य सभी को चालीस हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया. निचली अदालत के इन आदेशों को चुनौती देते हुए पटना हाईकोर्ट में अपील दायर किया गया.

इन्हीं अपीलों पर पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा सुनवाई की जा रही है.