जमशेदपुर : देश के महान उद्योगपति रतन टाटा का जन्मदिन आज. जमशेदपुर शहर में रतन टाटा का 85 वां जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर शहर के युवाओं ने केक काटकर रतन टाटा की लंबी उम्र की कामना की. ऐसे व्यक्ति जिसने देश और दुनिया के लिए सर्वोपरि रहा है. उद्योगपति रतन टाटा गरीबों की सेवा के लिए हर वक्त तत्पर रहते हैं. रतन टाटा परोपकार और मानवता की भावना के बिना कारोबार का संचालन करने में भरोसा नहीं रखते हैं. वे भारत में पहली बार पूर्ण रुप से बनी कार का उत्पादन शुरु किया. इस कार का नाम टाटा इंडिका है.

लौहनगरी में युवाओं ने महान उद्योगपति रतन टाटा का 85 वां जन्मदिन केक काट कर उनकी लंबी उम्र की कामना की

रतन टाटा का जन्म 1937 को मुंबई में नवल टाटा और सूनी टाटा के घर में हुआ. वे देश के प्रतिष्ठित टाटा परिवार का हिस्सा थे. उन्होंने टाटा ग्रुप में करियर की शुरुआत 25 वर्ष की आयु में की.

वे 1959 में आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका के कॉरनेल विश्वविद्यालय गये. 1962 में वे भारत लौटने से पूर्व लॉस एंजिल्स के जोन्स और इमोन्स नामक कंपनी में नौकरी की. 1962 में भारत लौटने के बाद टाटा ग्रुप ज्वाइन किया. ग्रुप में उन्हें पहला काम जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील डिविजन में मिला. 1975 में उन्होंने हार्वार्ड विजनेस स्कूल से प्रबंधन का कोर्स किया. 1991 में वे टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने.

रतन टाटा ने भारत में पहली बार पूर्ण रुप से बनी कार का उत्पादन शुरु किया. इस कार का नाम टाटा इंडिका है. भारत में सौ फीसदी बनी इस कार को पहली बार 1998 में ऑटो एक्सपो और जेनेवा इंटरनेशनल मोटर शो में प्रदर्शित किया गया. इंडिका पहली ऐसी कार थी जो पेट्रोल और डीजल दोनों इंजनों में उपलब्ध था. रतन टाटा की अगुवाई में टाटा ग्रुप ने एंग्लो डच स्टीलमेकर कोरस ,ब्रिटिशि लग्जरी ब्रांड लैंड रोवर और जगुआर का अधिग्रहण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना डंका बजाया. रतन टाटा के नाम विश्व की सबसे सस्ती कार टाटा नैनो बनाने की भी उपलब्धि है.