Bihar Crime : थावे मंदिर चोरी कांड! रिश्तों का खतरनाक जाल, लव एंगल, धर्म, साजिश और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
गोपालगंज:-बिहार केगोपालगंज से इस वक्त एक ऐसी सनसनीखेज कहानी सामने आ रही है, जिसने पूरे बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर को झकझोर कर रख दिया है। थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों की चोरी अब सिर्फ एक अपराध नहीं रही - यह बन चुकी है रिश्तों, प्रेम, पहचान बदलने, धर्म, धोखे और संगठित साजिश की खतरनाक कहानी। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कांड की परतें खुलती जा रही हैं। पश्चिम बंगाल की एक डांसर, यूपी का युवक, मोतिहारी का आरोपी और बिहार का प्रसिद्ध मंदिर - इन सबको जोड़ता है एक खतरनाक लव एंगल और आपराधिक नेटवर्क।

कहानी की शुरुआत – डांसर मोहिनी से कनेक्शन पुलिस जांच के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की रहने वाली डांसर मोहिनी एक कार्यक्रम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर पहुंची थी। यहीं उसकी मुलाकात हुई गाजीपुर निवासी दीपक राय से। दोनों की दोस्ती जल्द ही नज़दीकियों में बदल गई। मोहिनी ने दीपक की मुलाकात अपने कथित पति इजमामुल आलम से कराई - जो मोतिहारी का रहने वाला बताया जा रहा है।

रेकी से चोरी तक - पहले से रची गई साजिश पुलिस के अनुसार, 10–11 दिसंबर की रात थावे मंदिर की गुप्त रेकी की गई। बीते17 दिसंबर की रात चोरी को अंजाम दिया गया। इस पूरी योजना में दीपक और इजमामुल की भूमिका बेहद अहम रही। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच से यह साफ हो गया कि यह चोरी पहले से प्लान की गई अंतरराज्यीय साजिश थी। सोशल मीडिया अफवाहें - जांच भटकाने की कोशिश जब दीपक राय की गिरफ्तारी हुई, तो सोशल मीडिया पर अचानक कई अफवाहें फैलाई गईं - कभी धर्म को लेकर, कभी प्रेम कहानी को लेकर, ताकि पुलिस की जांच को गलत दिशा में मोड़ा जा सके।

लेकिन जैसे ही पुलिस मुठभेड़ के बाद इजमामुल आलम पकड़ा गया, सारी सच्चाई सामने आने लगी। लव एंगल और धर्म बदलने का आरोप इजमामुल की प्रेमिका मोहिनी ने पुलिस के सामने दावा किया - उसने कहा कि इजमामुल ने नाम और धर्म बदलकर उससे शादी की और बाद में उसे धोखे का एहसास हुआ। अब वही मोहिनी अपने प्रेमी को कानूनी सजा दिलाने की मांग करती नजर आ रही है।

पुलिस की थ्योरी – अभी खत्म नहीं हुई । गोपालगंज पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में4 से5 लोग शामिल थे। कुछ आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि - मोहिनी भोजपुर, बक्सर, बलिया और गाजीपुर में कार्यक्रम करने जाती थी। इन्हीं यात्राओं के दौरान दीपक और इजमामुल के बीच संपर्क बना और फिर थावे मंदिर चोरी की साजिश रची गई।

अब बढ़ेगी थावे मंदिर की सुरक्षा
इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड के बाद पुलिस ने मंदिर समिति को सख्त निर्देश दिए हैं - थावे गोलंबर से मंदिर तक, मंदिर परिसर और आसपास16 नए अत्याधुनिकCCTV कैमरे लगाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सके।

तो साफ है थावे मंदिर चोरी कांड सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि प्रेम, धोखा, पहचान, धर्म और अपराध का ऐसा जाल है, जिसकी हर कड़ी पुलिस धीरे-धीरे जोड़ रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे और चौंकाने वाले सच सामने आ सकते हैं।

गोपालगंजसेनमो नारायण मिश्रा





