रांची : सीवरेज सिस्टम जोन-2 अमृत योजना में शामिल,केंद्र सरकार की स्वीकृति का इंतजार
रांची: राजधानी में सीवरेज सिस्टम जोन-2 के तहत वार्ड संख्या 8 से 20 (लालपुर, वर्धमान कंपाउंड, अल्बर्ट एक्का चौक, पुरुलिया रोड, कोकर व नामकुम में सीवरेज सिस्टम का निर्माण होगा. राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की ओर से जोन-2 के तहत सीवरेज सिस्टम को अमृत योजना में शामिल कर लिया गया है. SUDA के अधिकारी ने बताया कि जोन-2 के तहत बनने वाले सीवरेज सिस्टम को अमृत योजना में शामिल करने के लिए केंद्रीय शहरी मंत्रालय को पत्राचार कर आग्रह किया गया है. उम्मीद है कि सीवरेज सिस्टम फेज-2 की योजना को अमृत योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि अमृत योजना के तहत स्वीकृति मिलने के बाद इसमें केंद्रांश और राज्यांश दोनों की हिस्सेदारी होगी. केंद्र से मिलने वाले अंशदान की स्वीकृति के बाद शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी
2057 की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार होगा सीवरेज सिस्टम
राजधानी रांची में जुडको कई और से शहरी क्षेत्र में 3211 करोड़ की लागत से सीवरेज सिस्टम तैयार करने की योजना तैयार की गई है. राजधानी को चार जोन में बांटकर इस परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से पूरा किया जाएगा. इस परियोजना को साल 2057 की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. डीपीआर के अनुसार, रांची शहर में 1945.41 किलोमीटर क्षेत्र में सीवरलाइन बिछाई जाएगी. सीवरेज सिस्टम पर कुल 3210.43 करोड़ रुपये की लागत आएगी. वर्तमान में शहर का गंदा पानी स्वर्णरेखा नदी होते हुए रुक्का डैम में जाता है.
इस परियोजना के तहत 3 नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जाएंगे
रांची नगर निगम की ओर से पूर्व से ही नौ वार्डों में सीवरेज का कार्य कराया जा रहा है. जोन-1 के शेष हिस्सों को मिलाकर अन्य 3 जोन में सीवरेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे. इस परियोजना के तहत 3 नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जाएंगे. सीवरेज सिस्टम विकसित होने के बाद गंदा पानी साफ होकर रुक्का डैम में पहुंचेगा. इस परियोजना के पूरा होने के बेस्ड भविष्य में पानी की आत्मनिर्भरता बढ़ जाएगी. रांची नगर निगम की ओर से जोन-1 में 280 किलोमीटर सीवरलाइन बिछाई जा रही है. इसके अलावा वार्ड-4 स्थित बड़गाई-लेम में 37 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी कराया गया है. एसटीपी से गैस भी निकलेगी, जिससे ऊर्जा का उत्पादन होगा. सीवरेज सिस्टम विकसित होने के बाद पानी जनित रोग पर भी नियंत्रण होगा. भरम टोली, होटवार और हेथू में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। वर्ष 2057 में रांची शहर की आबादी 30,25,792 हो जाने का अनुमान है, जबकि हाउसहोल्ड की संख्या 3,41,336 होगी.





