मेयर-डिप्टी मेयर के खिलाफ मोर्चा : रांची के कई वार्ड में विकास के नाम पर सन्नाटा,पार्षदों ने निगम पर फोड़ा ठिकरा
रांची:रांची नगर निगम के पार्षदों ने मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.पार्षदों की माने तो निकाय चुनाव के बाद तीन माह यूं ही बीत गए. अब तक नगर निगम बोर्ड की मात्र एक ही बैठक हुई है. निगम क्षेत्र में लोग गर्मी के मौसम में पानी के लिए तरस रहे हैं. गली-मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगाए जा रहे हैं. एलईडी लाइट के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि रांची नगर निगम में फंड नहीं है. डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव कार्य के लिए निगम के पास पर्याप्त वाहन नहीं हैं.
संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जाने परआंदोलन पर बाध्य होंगेपार्षद
पार्षदों ने बताया कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है,लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि वे अपने वार्डों में चापाकल लगाने जैसे छोटे कार्य भी नहीं करा पा रहे हैं.सड़क,नाली समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य तो हो ही नहीं रहे. इससे आम लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है. निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की भूमिका सीमित हो गई है. पार्षदों ने कहा कि यदि पार्षदों को उनके अधिकार और वीक कार्यो के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही नगर विकास मंत्री के समक्ष अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा जाएगा और नगर निगम में जन प्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने की मांग की जाएगी.
मूलभूत सुविधाओं की कमी पर निगम के अधिकारी पर फोड़ा ठिकरा
पार्षद सलाउद्दीन ने बताया कि तीन साल से एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं बना है. डीप बोरिंग को टेंडर लेने वालों ने चौपट कर दिया. उन्होंने बताया कि हमलोग जनता से जुड़े हुए हैं. निगम में एक अधिकारी से मिलने में पार्षद को दिक्कत हो रही है तो आम लोगों को कितनी परेशानी होगी. पार्षद परमजीत सिंह 'टिंकू' ने कहा कि निगम की व्यवस्था तरीके से हो. विकास कार्यों का एक रोड मैप तैयार हो. वर्तमान में निगम से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता हो. सभी पार्षदों की मांग कॉमन है.
निकाय चुनाव के बाद अब तक हालात जस के तस
वहीं,दूसरे पार्षद असलम ने कहा कि 2018 में निकाय चुनाव हुए था और 2023 में पार्षदों के कार्यकाल खत्म हो गया था. इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश पर निकाय चुनाव हुआ है. फिर भी हालात जस के तस है. वर्तमान में 26 निकायों को विभाग से फंड आवंटित किया गया है, लेकिन रांची और धनबाद नगर निगम को कोई फंड नहीं मिला. वार्ड से संबंधित एक भी योजना बोर्ड से स्वीकृत नहीं हुई है. एक भी काम नहीं हुआ है.
09 जून कोमंत्री सुदिव्य सोनू के साथपार्षदों की बैठक
तीसरे पार्षद नसीम गद्दी ने भी कहा कि सभी पार्षदों ने धैर्य रखा लेकिन,अब सब्र टूट चुका है. हमलोग जीतकर आए हैं, लेकिन अब तक न तो बोरिंग मिला और न ही स्ट्रीट लाइट. फंड भी नहीं मिला है. वार्ड में सड़क, नाली या कलवर्ट भी नहीं बन सके. उन्होंने बताया कि 09 जून को प्रेस क्लब में नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के साथ पार्षदों की बैठक होगी. बैठक में सभी पार्षद खुलकर मंत्री के सामने अपने अधिकार और परेशानियों को रखेंगे. साथ ही रांची नगर निगम क्षेत्र के विकास के लिए फंड आवंटित करने की मांग की जाएगी.





