Hindi News / बिहार की मधुबनी कला का बढ़ा सम्मान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली नई पहचान

पीएम मोदी के गिफ्ट से बढ़ी मधुबनी की शान : बिहार की मधुबनी कला का बढ़ा सम्मान, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली नई पहचान

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 Madhubani's pride increased with PM Modi's gift  Madhubani's pride increased with PM Modi's gift

भारत की पारंपरिक लोककलाओं में शामिल बिहार की मशहूर मधुबनी पेंटिंग एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डच प्रधानमंत्री को मछली आकृति वाली विशेष मधुबनी पेंटिंग भेंट कर मिथिला कला को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।इस खास उपहार को बिहार की लोकसंस्कृति, परंपरा और मिथिला कला के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक और सांस्कृतिक हलकों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नीदरलैंड के प्रधानमंत्री को मधुबनी पेंटिंग भेंट किया जाना बिहार की कला और संस्कृति के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि मधुबनी पेंटिंग केवल एक कला नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपरा की पहचान है, जिसे अब पूरी दुनिया सम्मान दे रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार की सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि मधुबनी पेंटिंग केवल एक कला नहीं, बल्कि बिहार की परंपरा, लोकजीवन और सांस्कृतिक पहचान की अभिव्यक्ति है।मछली आकृति वाली इस पेंटिंग का भी विशेष महत्व माना जाता है। मिथिला कला में मछली को समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और संतुलित सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस उपहार को सांस्कृतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।सोशल मीडिया पर भी इस पहल की जमकर चर्चा हो रही है। लोग इसे बिहार की कला और कलाकारों के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं।बिहार की लोककला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने से मधुबनी पेंटिंग से जुड़े कलाकारों में भी उत्साह है। मिथिला कला लंबे समय से देश और विदेश में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है और अब प्रधानमंत्री स्तर पर इसकी प्रस्तुति ने इसे नई वैश्विक पहचान दिलाई है।सांस्कृतिक कूटनीति के जरिए बिहार की कला अब दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंच रही है।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट