लोहरदगा के नवाटोली गांव में बदहाली : खबरों में जानिए जल जीवन मिशन की हकीकत,प्यास बुझाने के लिए संघर्ष करते गांववाले
लोहरदगा:जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत बाघा पंचायत के नवाटोली गांव में सरकारी योजना धरातल पर उतरने के कुछ दिन बाद से ही बदहाल साबित हो रहा.लगभग 250 परिवारों की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाई गई और घर-घर नल भी लगाए गए है. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उन्हें पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, लेकिन योजना शुरू होने के कुछ दिनों बाद ही व्यवस्था ठप पड़ गई. ग्रामीणों के अनुसार केवल एक सप्ताह तक ही नल से पानी मिला, उसके बाद पूरी योजना बेकार होकर रह गई.
गांव के लोग फिर से पुराने स्रोतों पर निर्भर
इस गांव में स्थिति यह है कि गांव के लोग फिर से पुराने स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं. महिलाएं सुबह होते ही पानी की व्यवस्था में जुट जाती हैं. कोई कुएं से पानी भर रहा है तो कोई दूर लगे हैंडपंप तक पहुंच रहा है. गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो जाती है. कई हैंडपंप जवाब देने लगते हैं और कुआं का जलस्तर नीचे चला जाता है. ऐसे में ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है.
बिजली आपूर्ति की समस्या से भी जूझ रहे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति भी बड़ी समस्या है. जहां मोटर आधारित जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है, वहां बिजली नहीं रहने के कारण मोटर नहीं चल पाती. कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया. लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने योजना का निर्माण कार्य तो कर दिया, लेकिन उसके रखरखाव और संचालन की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई.
नहीं मिल रहायोजनाओं का वास्तविक लाभ
इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जाहिर की है. भंडरा प्रखंड की जिला परिषद सदस्य तथा सेन्हा प्रखंड की जिला परिषद सदस्य राधा तिर्की ने कहा कि कई गांवों में जल जीवन मिशन की योजनाएं केवल दिखावा बनकर रह गई हैं. लोगों को योजना का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रहा.
सरकार का दावा फेल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजना अच्छी है, लेकिन उसका सही तरीके से संचालन नहीं होने के कारण आम जनता परेशान हो रही है. कई जगह सिर्फ नल लगाकर और पाइपलाइन बिछाकर योजना को पूरा दिखा दिया गया,जबकि वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा.
जल जीवन मिशन की सफलता कागजों तक सीमित
लोहरदगा जिले के कई गांवों में यही स्थिति देखने को मिल रही है. आंकड़ों में भले ही “हर घर जल” का लक्ष्य पूरा होता दिखाई दे रहा हो, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि ग्रामीण आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. जल जीवन मिशन की सफलता केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है.
पेयजल संकट गहराने के मिल रहे संकेत
यदि समय रहते प्रशासन ने इस दिशा में गंभीर पहल नहीं की तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है. ग्रामीणों की मांग है कि जिला प्रशासन गांवों में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करे और जो योजनाएं बंद पड़ी हैं उन्हें जल्द चालू कराया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंच सके.





