कल जेल से बाहर आएंगे आलमगीर आलम : 23 महीने बाद रिहाई, मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत
नई दिल्ली/रांची: मनी लॉन्ड्रिंग मामले मेंझारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद लंबे समय के बाद जेल की सलाखों से बाहर आएंगे. बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. जिसके बाद 14 मई को आलमगीर आलम अब जेल से बाहर आएंगे.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में SLP (Criminal) No. 11618/2025 और SLP (Criminal) No. 15905/2025 पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आलमगीर आलम के खिलाफ ECIR Case No. 2/2023 दर्ज है, जो ECIR/RNSZO/16/2020 से संबंधित है. मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है.
दो साल से जेल में बंद,75 वर्ष उम्र का मिला लाभ
सुप्रीम Court ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि ट्रायल कोर्ट में चार प्रमुख गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. साथ ही अदालत ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि 75 वर्षीय आलमगीर आलम पिछले करीब दो वर्षों से जेल में बंद हैं.कोर्ट ने कहा कि मामले की परिस्थितियों और पूर्व में पारित आदेश को देखते हुए आरोपी को जमानत दी जाना उचित है. अदालत ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त करते हुए आलमगीर आलम को बेल देने का निर्देश दिया.
ट्रायल कोर्ट तय करेगी जमानत की शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आलमगीर आलम को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली शर्तों के अधीन जमानत दी जाएगी. इसके साथ ही अदालत ने दोनों अपीलों को स्वीकार करते हुए लंबित आवेदनों का भी निस्तारण कर दिया.





