JHARKHAND NEWS : अपराध के विरोध में असरदार रहा लोहरदगा बंद, बाजार रहे बंद, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
लोहरदगा शहर में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में शनिवार को घोषित लोहरदगा बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहरी क्षेत्र में हथियार के बल पर सर्राफा दुकान और पेट्रोल पंप में लूट की कोशिश तथा युवा व्यवसायी शुभम साहू की गोली मारकर हत्या की घटना के विरोध में बुलाए गए इस बंद को विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और राजनीतिक संगठनों का भरपूर समर्थन मिला। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे और पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद के कारण सामान्य जनजीवन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
बंद का आह्वान चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से किया गया था। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में चेंबर के पदाधिकारियों ने जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को पूर्ण बंद रखने की घोषणा की थी। इसके पूर्व जिला सर्राफा एसोसिएशन की आपात बैठक में भी सर्वसम्मति से अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सामाजिक विचार मंच, भारतीय जनता पार्टी, ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन सहित कई अन्य सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन करते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई।शनिवार सुबह से ही शहर के मुख्य बाजार, सर्राफा बाजार, मेन रोड, पावरगंज, थाना चौक, मिशन चौक और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लगभग सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रहे। बाजार में आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही काफी कम रही और पूरा शहर शांत नजर आया।
बंद समर्थकों ने अपराध के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कुछ समय के लिए पावरगंज चौक पर सड़क जाम किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि लगातार हो रही लूट और हत्या जैसी घटनाओं से व्यापारियों एवं आम नागरिकों में भय का माहौल बन गया है। यदि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो व्यापार और सामाजिक व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगी।हालांकि, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद कुछ ही देर में सड़क जाम समाप्त कर दिया गया। इसके बाद वाहनों का परिचालन सामान्य हो गया और आम लोगों को राहत मिली। बावजूद इसके बंद के कारण कई घंटों तक ट्रकों और यात्री वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा। बाहर से आने वाले कुछ यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।
बंद को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस अधिकारी लगातार शहर का भ्रमण करते रहे तथा गश्ती दलों ने विभिन्न इलाकों में निगरानी रखी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली।व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में लगातार हुई आपराधिक घटनाओं ने जिले के कारोबारी वर्ग को चिंता में डाल दिया है। उनका मानना है कि यदि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का प्रशासन पर भरोसा कमजोर होगा। बंद के माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन से जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, रात्रि गश्ती बढ़ाने तथा अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
शनिवार का यह बंद जिले में बढ़ते अपराध के खिलाफ व्यापारियों और आम नागरिकों की एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया। शांतिपूर्ण तरीके से हुए इस बंद ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले के लोग कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की अपेक्षा करते हैं। अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि हालिया घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी कितनी शीघ्र होती है और जिले में लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा किस प्रकार बहाल किया जाता है।





