
शनिवार, 03 अक्टूबर 2026
Liveझारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई की तारीख में बदलाव कर दिया गया है।पहले शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की थी, लेकिन अब यह सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।बता दें कि गत 28 सितंबर को जब इस मामले पर पिछली सुनवाई हुई थी, तब तीन सदस्यीय बेंच की एक जज, जस्टिस वी. मोहना ने खुद को इस मामले से अलग (Recuse) कर लिया था। हालांकि, उनकी जगह बेंच में अब कौन नए न्यायाधीश शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।इस महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए झारखंड सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया था।यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। याचिका में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि परीक्षाओं में हुए भ्रष्टाचार और धांधली के कारण राज्य के लाखों योग्य युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। इसलिए, या तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज की निगरानी में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन हो
चौका थाना क्षेत्र के एनएच-33 पर झाबरी गांव के समीप शनिवार सुबह करीब 4 बजे बड़ा हादसा हो गया। कोलकाता से रांची जा रही ओम शिवम नामक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार गिरिडीह निवासी सुखदेव दास समेत एक महिला और एक बच्चा घायल हो गए। सूचना मिलते ही चौका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जहां इलाज चल रहा हे।बताया गया कि बस में कुल 25 यात्री सवार थे। हादसे के बाद अन्य यात्री दूसरे वाहनों से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। बस कोलकाता से यात्रियों और लगेज लेकर रांची जा रही थी।हादसे के बाद एनएच-33 पर बड़ामटांड़ से झाबरी तक एक साइड की सड़क बंद रही। पुलिस ने हाईड्रा और क्रेन की मदद से बस को सड़क से हटाया और बस को जब्त कर लिया है।
गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ शुक्रवार की रात अपराधियों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम देते हुए राहगीर की आँखों में मिर्ची पाउडर झोंककर उसकी बाइक लूट ली।घटना गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लेदा पानी टंकी के समीप की है। पीड़ित की पहचान मोतीलेदा निवासी भागीरथ राय के रूप में हुई है।मिली जानकारी के अनुसार, भागीरथ राय शुक्रवार की रात लेदा में आयोजित एक भजन मंडली के कीर्तन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। चूँकि उन्हें रास्ते की सही जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कोवाड़ के पास बुलेट पर सवार तीन अज्ञात युवकों से लेदा जाने का रास्ता पूछा था।लेकिन, उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मदद के बहाने वे अपराधी उनके पीछे लग चुके हैं।वारदात की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुँचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की पहचान के साथ-साथ लूटी गई बाइक की बरामदगी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।बहरहाल, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
झारखंड के बहुचर्चित स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़े 'मीना कुमारी मामले' पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं। इस मामले में झारखंड हाइकोर्ट में आगामी 13 अक्टूबर को अहम सुनवाई होने वाली है। झारखंड हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग—यानी JSSC की ओर से दायर करीब 100 अपील याचिकाओं पर सुनवाई की यह तिथि निर्धारित की है।प्रतिवादी मीना कुमारी के अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने यह जानकारी दी है। इससे पहले, पिछली सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता रोहितश्याम रॉय और JSSC के अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने अदालत को बताया था कि इस मामले से जुड़ी कुछ अन्य अपीलें भी लंबित हैं, जिनमें समान मुद्दे उठाए गए हैं। इसके बाद खंडपीठ ने सरकार और JSSC को ऐसी तमाम अपीलों की सूची अदालत में सौंपने का निर्देश दिया था। खास बात यह है कि अदालत पहले ही एकल पीठ के आदेश के अनुपालन को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक लगा चुकी है। बता दें कि इस मामले में एकल पीठ ने 1 सितंबर को मीना कुमारी सहित 258 याचिकाओं पर बड़ा फैसला सुनाया था। शिक्षक नियुक्ति विवाद की गहराई से जाँच के लिए अदालत ने पहले सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय 'फैक्ट फाइंडिंग कमीशन' गठित किया था, और बाद में जस्टिस पाठक की असमर्थता के कारण सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में यह आयोग गठित किया गया।इस कमीशन को सुप्रीम कोर्ट के 2 अगस्त 2022 के फैसले के बाद JSSC द्वारा तैयार संशोधित मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों की प्रक्रिया की जाँच करनी है। इसके तहत याचिकाकर्ताओं से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति, 2019 में खाली हुए पदों को बाद में भरने, और वैध कारणों से उम्मीदवारी खारिज होने के बावजूद नियुक्ति पाने वाले मामलों का सत्यापन किया जाएगा।
रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के सहारे छह लाख रुपये से अधिक की ठगी और जालसाजी का सनसनीखेज मामला दर्ज हुआ है।मामला ‘अर्थ स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक पीयूष पोद्दार की शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत के मुताबिक, पंचवटी गार्डेन बरियातू के रहने वाले पीयूष पोद्दार ने सरकारी योजना — दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना यानी DDU-GKY के तहत एक परियोजना प्रस्ताव तैयार करने के लिए झांसी के 'एजी स्किल डेवलपमेंट' के प्रोपराइटर एबी अहमद को बतौर विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त किया था। इसके एवज में आरोपी के बैंक खाते में बतौर फीस 5 लाख 22 हजार 800 रुपये का भुगतान भी किया गया था। आरोप है कि एबी अहमद ने एक्सिस बैंक का एक फर्जी सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट और लखनऊ के सीए मोहित रस्तोगी के नाम से एक फर्जी सीए सर्टिफिकेट तैयार किया। इन दस्तावेजों में एक ऐसे UDIN नंबर का इस्तेमाल किया गया था, जिसका असलियत में कोई वजूद ही नहीं था। इतना ही नहीं, इन फर्जी कागजातों को सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया।जब सरकारी स्तर पर इन दस्तावेजों की जांच की गई, तो सारा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया और परियोजना को रद्द कर दिया गया। इस वजह से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।मामले में एक और बड़ा आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने गत 22 जुलाई को असम स्थित एक सेंटर के लिए 1 लाख 13 हजार 404 रुपये की यूनिफॉर्म कूरियर के जरिए मंगवाई थी, लेकिन डिलीवरी मिलने के बाद भी उसका भुगतान नहीं किया गया।फिलहाल, पीयूष पोद्दार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी एबी अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस जालसाजी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
झारखंड और आसपास के इलाकों से अब मानसून की विदाई का आधिकारिक दौर शुरू हो चुका है। लगातार हो रही बारिश से अब लोगों को राहत मिलने की प्रबल संभावना है। हालांकि, मौसम अभी पूरी तरह थमा नहीं है।मौसम विभाग के मुताबिक, आगामी 6 और 7 अक्टूबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश के आसार अभी भी बने हुए हैं। लेकिन इसके तुरंत बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 7 अक्टूबर के बाद राज्यभर में बारिश की गतिविधियों में भारी कमी आने की संभावना है।वहीं, आगामी 8 अक्टूबर से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े (यानी महीने के दूसरे हिस्से) में आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान दिन के समय तेज धूप खिलेगी और अधिकतम तापमान बढ़कर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।यानी इस दौरान दिन में लोगों को एक बार फिर से गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है, जबकि सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडक का अहसास भी होगा। राहत की बात यह है कि अक्टूबर के फिलहाल किसी बड़े मानसूनी सिस्टम के बनने के कोई संकेत नहीं हैं, इसलिए पूरे महीने बारिश की गतिविधियां काफी कम रहने का अनुमान है।
झारखंड में शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी एक बार फिर सड़क पर हैं। गांधी जयंती के अवसर पर, 'झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा' के आह्वान पर राज्यभर के करीब 10 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक दिवसीय उपवास रखा।मोर्चा ने पहले मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन जिला प्रशासन से अनुमति न मिलने के बाद आंदोलन का स्वरूप बदल दिया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए, शिक्षकों ने शांतिपूर्ण तरीके से उपवास रखकर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया।मोर्चा की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—पहली: वित्त रहित संस्थानों के अनुदान में 75% वृद्धि के प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखना, जिस पर विधि और वित्त विभाग की सहमति मिल चुकी है।दूसरी: शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा और वेतनमान देने के संबंध में कार्मिक विभाग के पत्र पर आगे की कार्रवाई करना।तीसरी: इंटरमीडिएट, माध्यमिक, संस्कृत और मदरसा विद्यालयों के लिए सेवा शर्त नियमावली का निर्माण।और चौथी: वित्त रहित स्कूलों के विद्यार्थियों को सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ फिर से बहाल करना।""इस सिलसिले में आगामी 8 अक्टूबर को रांची के धुर्वा स्थित सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्यभर के प्रधानाचार्य और शिक्षक प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां आंदोलन की अगली और कड़ी रूपरेखा तय की जाएगी।
झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका के सेटलमेंट ऑफिस में लंबे समय से काम कर रहे सफाई मोहिरों के नियमितीकरण के मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है. जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने कहा कि नियमों के तहत फिलहाल नियमितीकरण नहीं हो सकता, लेकिन लंबे समय से लगातार काम लिए जाने के कारण राज्य सरकार को पद सृजित और स्वीकृत कर नियमितीकरण के दावे पर विचार करना होगा. फैसला 30 सितंबर 2026 को सुनाया गया.मामला डब्ल्यूपीएस संख्या 3754/2023 से जुड़ा है. दुमका के सेटलमेंट ऑफिस में सफाई मोहिर के रूप में काम कर रहे आठ लोगों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनका कहना था कि वे लंबे समय से भूमि अभिलेख तैयार करने से जुड़े काम कर रहे हैं और वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है.याचिकाकर्ताओं के अनुसार कुछ कर्मचारी 1992 से, जबकि अन्य 1997 और 2001 से काम कर रहे हैं. रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि वर्ष 2001 में लिखित परीक्षा के बाद 50 उम्मीदवारों का चयन किया गया था, जिनमें वर्तमान याचिकाकर्ताओं में से तीन शामिल थे. अदालत ने माना कि इनकी नियुक्तियां विज्ञापन और चयन प्रक्रिया के बाद हुई थीं.राज्य सरकार की ओर से दलील दी गयी कि जिन पदों पर याचिकाकर्ता काम कर रहे हैं, वे स्वीकृत पद नहीं हैं. इसलिए 2015 की नियमितीकरण नियमावली और उसके संशोधित प्रावधानों के तहत उन्हें नियमित नहीं किया जा सकता. सरकार ने यह भी बताया कि सफाई मोहिरों को निर्धारित सरकारी सर्कुलर के अनुसार पीस रेट के आधार पर भुगतान किया जाता है.हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पदों का सृजन और उन्हें स्वीकृत करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. इसलिए अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि वह पदों के सृजन पर विचार करे और उसके बाद याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण के दावे पर विचार करे. इसके लिए दुमका सेटलमेंट ऑफिस से उनके काम की निरंतरता और प्रकृति से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाएगी.
रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है। हुंडरू तालाब में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने घंटों मशक्कत कर शव को बाहर निकाला।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुंडरू तालाब की है। स्थानीय लोगों ने तालाब में किसी के डूबने की आशंका जताई थी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मामला गंभीर होने के कारण जिला प्रशासन ने फौरन एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया।एनडीआरएफ के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और तालाब में सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया। कड़ी मशक्कत और गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू टीम ने पानी के अंदर से लापता व्यक्ति के शव को बरामद कर लिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में शोक की लहर है।फिलहाल, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतक की पहचान तथा हादसे के असल कारणों की जांच शुरू कर दी है।
झारखंड प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय के साथ शुक्रवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बाबा बैद्यनाथ का रुद्राभिषेक कर झारखंड की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।पूजा-अर्चना के दौरान भाजपा नेताओं ने बाबा बैद्यनाथ से झारखंड में भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने का आशीर्वाद मांगा। साथ ही पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए भी प्रार्थना की।बाबा मंदिर में पूजा के बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की पावन धरती से नई ऊर्जा और सकारात्मक संकल्प लेकर संगठन को मजबूत करने की दिशा में कार्य करना पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने झारखंड की जनता के कल्याण और प्रदेश की निरंतर प्रगति के लिए बाबा से आशीर्वाद मांगा।इस अवसर पर भाजपा देवघर जिलाध्यक्ष सचिन रवानी, जिला प्रभारी यदुनंदन पाठक, पूर्व विधायक नारायण दास, नगर अध्यक्ष सोनाधारी झा सहित बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।बाबा नगरी से संगठन को मजबूती का संकल्पभाजपा नेताओं के बाबा मंदिर पहुंचने और रुद्राभिषेक करने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा गया। कार्यकर्ताओं ने नेताओं का स्वागत किया और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के संकल्प को दोहराया। बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के साथ ही भाजपा नेताओं ने प्रदेश की खुशहाली और संगठन की मजबूती के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की।
दिवाली और छठ पर्व पर बिहार आने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए 10 अक्टूबर से बिहार के लिए 200 स्पेशल बसें चलाने की योजना है। बिहार राज्य परिवहन निगम की वेबसाइट पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।शुरुआत में पांच राज्यों से बिहार के बीच बसों का परिचालन किया जाएगा। दिल्ली से 40, पश्चिम बंगाल से 40, उत्तर प्रदेश से 60, जबकि हरियाणा और झारखंड से 30-30 स्पेशल बसें बिहार आएंगी।पटना पहुंचने वाली इन बसों के लिए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, गांधी मैदान और फुलवारीशरीफ में ठहराव की व्यवस्था होगी। इसके अलावा जीपीओ के पास बने मल्टी मॉडल हब पर भी बसें रुकेंगी।त्योहार के दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर भी सख्ती की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से स्पेशल बसों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। अधिक किराया वसूलने वाले संचालकों पर जुर्माने के साथ रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।हर साल दिवाली और छठ के दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार लौटते हैं। ट्रेनों में टिकट की उपलब्धता और अत्यधिक भीड़ की स्थिति में ये स्पेशल बसें यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएंगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
हाजीपुर के महुआ-समस्तीपुर मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। तीसीऔता थाना क्षेत्र में ट्रक और सीएनजी टेंपो की जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। हादसा रात करीब एक बजे हुआ। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।जानकारी के अनुसार, सीएनजी टेंपो में कुल सात लोग सवार थे। सभी हरियाणा से मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। हादसे में तीसीऔता थाना क्षेत्र के डभइत गांव निवासी 25 वर्षीय अमरजीत मांझी की मौत हो गई। अमरजीत पांच भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में तीन साल की बेटी है और करीब 15 दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।घायलों में शंभू मांझी, सुकुल मांझी, नीतीश कुमार और टेंपो चालक लक्ष्मण राय समेत पांच लोग शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे एक ट्रक का पिछला पहिया बदला जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। तभी सामने से आ रहे दूसरे ट्रक ने टेंपो को चपेट में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है।सूचना मिलते ही तीसीऔता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मौके पर खड़े ट्रक को जब्त कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
झारखंड में हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। राज्य सरकार और जेएसएससी की ओर से लगभग 100 अपील याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई हैं, जिन पर अदालत में लगातार सुनवाई जारी है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि क्या है और कमीशन किन-किन बिंदुओं पर जांच कर रहा है।पूर्व की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्यों रॉय और जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिप्रवाल ने अदालत को बताया था कि इस मामले से जुड़ी कई अन्य अपीलें भी लंबित हैं। इन याचिकाओं में एक जैसे मुद्दे उठाए गए हैं, जिसके बाद अदालत ने सरकार और जेएसएससी को संबंधित अपील याचिकाओं की सूची सौंपने का निर्देश दिया।बताया गया है कि राज्य सरकार और जेएसएससी की तरफ से अलग-अलग लगभग 100 अपील याचिकाएं दायर कर मीना कुमारी व अन्य के मामले में एकल पीठ के आदेशों को चुनौती दी गई है। इससे पहले खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के अनुपालन को लेकर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई पर रोक लगा दी थी।गौरतलब है कि 1 सितंबर को एकल पीठ ने मीना कुमारी सहित 258 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद की जांच के लिए झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एस.एन. पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का गठन किया था।कमीशन को तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी थी। हालांकि, जस्टिस एस.एन. पाठक द्वारा कमीशन में शामिल होने में असमर्थता जताए जाने के बाद, हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वर्तमान में कमीशन ने सरकार और जेएसएससी से मेरिट लिस्ट, नियुक्त अभ्यर्थियों के नाम, प्राप्तांक और नियुक्ति तिथि समेत सभी संबंधित दस्तावेज मांग लिए हैं।कमीशन किन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रहा है?सबसे पहले, कमीशन यह जांच कर रहा है कि क्या जेएसएससी ने 2 अगस्त 2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नियुक्तियां करने से पहले संशोधित योग्यता सूचियां तैयार की थीं या नहीं।इसके अलावा, याचिकाकर्ताओं से कम अंक प्राप्त करने वाले कितने अभ्यर्थियों को समायोजित किया गया और उनकी नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुकूल थीं या नहीं, इसकी भी जांच हो रही है।इसके साथ ही, राज्य सरकार के 23 फरवरी 2024 के संकल्प के तहत 9,613 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया और कुल 17,784 विज्ञापित रिक्तियों में से 12,046 अभ्यर्थियों को मिले परिणामों की स्थिति की भी गहन समीक्षा की जा रही है।
झारखंड के अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अटकी छात्रवृत्ति के भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है!केंद्र सरकार ने राज्य के एसटी छात्रों के बकाए के भुगतान के लिए 250 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित कर दी है। आपको बता दें कि राज्य में प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कुल 364 करोड़ रुपये का बकाया लंबित था। इस योजना में 75 प्रतिशत राशि केंद्र और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती है। केंद्र से फंड मिलने के बाद, अब राज्य कल्याण विभाग ने डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के खातों में पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।नियमों के मुताबिक, प्री-मैट्रिक यानी कक्षा 1 से 8वीं तक की पूरी 100 फीसदी राशि राज्य सरकार देती है। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये तक या उससे कम है। इसमें कोर्सेज को चार अलग-अलग समूहों में बांटा गया है, जिसमें हॉस्टल में रहने वाले (Hostellers) और प्रतिदिन कॉलेज जाने वाले (Day Scholars) स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हैं।साथ ही, कल्याण विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन भी शुरू कर दिए हैं। एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्रएं 31 अक्टूबर तक आधिकारिक ई-कल्याण पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। समय सीमा के भीतर दस्तावेज और आवेदन का सत्यापन कराना अनिवार्य है, तभी आपके खाते में छात्रवृत्ति की राशि भेजी जाएगी।
झारखंड के चाईबासा से चिंताजनक खबर है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के भनगांव जंगल में एक मादा हाथी (हथिनी) का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।मामला तब सामने आया जब आज सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल में हथिनी का शव देखा। देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और आसपास के दर्जनों गांवों से भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि, प्रारंभिक जांच में हथिनी की मौत के कारणों का अब तक कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। वन विभाग ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि मौत के असली कारणों से पर्दा उठ सके।सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस घने जंगल में हथिनी की मौत कैसे हुई? क्या यह किसी प्राकृतिक कारणों से हुई मौत है, या फिर इसके पीछे कोई साजिश या लापरवाही है? पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला बीमारी का है या किसी और दुर्घटना का।लेकिन इस घटना ने एक बार फिर झारखंड के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी लगातार हो रही मौतों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि वन विभाग की जांच रिपोर्ट में क्या सच सामने आता है और क्या दोषियों पर कोई कार्रवाई होती है।
बोकारो के चास चेकपोस्ट स्थित सरकारी शराब दुकान के सामने देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। उपद्रवियों ने तीन वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, एक होटल में तोड़फोड़ की और वहां रखा सामान बिखेर दिया। साथ ही दो छोटे ठेलों को पलटकर नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।उपद्रव करने वालों की तस्वीर सीसीटीवी में भी कैद हुई है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस ने कुछ लोगों को देर रात हिरासत में लिया लेकिन चास पुलिस के द्वारा उन्हें छोड़ दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में नाराजगी देखी जा रही है। दुकानदारों ने चास पुलिस से दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।प्रतिष्ठान संचालक राजू सिंह ने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस मौके पर पहुंची थी और कुछ लोगों को अपने साथ ले गई थी, लेकिन सुबह थाना जाने पर उन्हें बताया गया कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और क्षेत्र के लोगों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में शुक्रवार तड़के गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से दरभंगा जा रही एसी बस अम्बरपुर टोल प्लाजा के पास ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में बस सवार चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतक और घायल सभी बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, बस आगे चल रहे एक वाहन को ओवरटेक कर रही थी। इसी दौरान बस की ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर बस के बाएं हिस्से में हुई, जिससे करीब 40 फीट लंबी बस का वह हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई।सूचना मिलते ही जैतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल और नगपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।पुलिस के अनुसार, हादसे में मृत चार यात्रियों में से एक की पहचान बिहार निवासी सचिन कुमार के रूप में हुई है। तीन अन्य मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उनकी शिनाख्त कराने में जुटी है।वहीं, तीन घायलों की पहचान सुमित मिश्रा (33), सुमित आनंद (40) और रिंकू कुमारी (45) के रूप में हुई है। तीनों दरभंगा के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। हादसे की सूचना मृतकों और घायलों के परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी जारी है।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान सामने आ गई है। कांग्रेस ने गुरुवार देर रात पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की, जिनमें चार सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल पहले ही उम्मीदवार उतार चुका है। ऐसे में पटना शिक्षक, पटना स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा स्नातक सीट पर कांग्रेस और RJD के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे।कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक सीट से मौजूदा एमएलसी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को दोबारा मैदान में उतारा है। इस सीट पर RJD ने उम्मीदवार नहीं दिया है। यहां मदन मोहन झा का मुकाबला JDU के घनश्याम राय और जन सुराज के एसपी राय से होगा।पटना शिक्षक सीट से कांग्रेस ने संजय यादव को टिकट दिया है, जबकि RJD ने संजीव कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया है। पटना स्नातक सीट पर कांग्रेस के असदुल्लाह खान और RJD के दिलीप कुमार के बीच मुकाबला होगा। कोसी स्नातक सीट से कांग्रेस ने मनोज कुमार जायसवाल को उतारा है, जबकि RJD के नितेश कुमार मैदान में हैं। दरभंगा स्नातक सीट पर कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और RJD के अनिल कुमार झा के बीच मुकाबला होगा।RJD ने इससे पहले 11 सितंबर को छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की थी। कांग्रेस नेताओं की ओर से सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं होने की बात कही गई थी। हालांकि, नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर तक दोनों दलों के बीच सहमति बनने की संभावना बनी हुई है। मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने मीडिया विभाग का पुनर्गठन करते हुए कुल 93 नेताओं को अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह गठन पार्टी के नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम के तहत किया गया है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी सूची में मीडिया विभाग के विभिन्न पदों पर नेताओं की नियुक्ति की गई है।नई व्यवस्था में एक राज्य मीडिया संयोजक, दो उपाध्यक्ष, तीन क्षेत्रीय समन्वयक, 19 राज्य प्रवक्ता, 22 राज्य मीडिया पैनलिस्ट, 15 राज्य शोधकर्ता, 11 राज्य प्रचार समन्वयक और 20 जिला प्रवक्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।असित नाथ तिवारी बने राज्य मीडिया संयोजकअसित नाथ तिवारी को बिहार कांग्रेस का राज्य मीडिया संयोजक बनाया गया है। वहीं ज्ञान रंजन और पंकज यादव को राज्य मीडिया विभाग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डॉ. तबरेज हसन, राजीव मेहता और अमित कुमार को क्षेत्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है।राज्य प्रवक्ताओं की सूची में अहतेशाम अहमद, अमर आजाद पासवान, आरती राय, चंद्र भूषण राजपूत, इंजीनियर कमल कमलेश, इबरार अहमद रजा, कुणाल ठाकुर, नदीम अख्तर अंसारी, निधि पांडेय, पूनम यादव, प्रियंका पुष्प और प्रो. अनीता कुमारी समेत 19 नेताओं को शामिल किया गया है।इसके अलावा अभिषेक कुमार झा समेत 22 नेताओं को राज्य मीडिया पैनलिस्ट बनाया गया है। कांग्रेस के इस नए मीडिया ढांचे के जरिए पार्टी की मीडिया गतिविधियों और संचार व्यवस्था को विभिन्न स्तरों पर संचालित करने की जिम्मेदारी इन नेताओं को दी गई है।अगर चाहें तो इसे टीवी पैकेज के लिए और ज्यादा दमदार 260 शब्दों में एंकर-वीओ फॉर्मेट में भी तैयार कर सकता हूं।