
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
Liveचतरा/टंडवा स्थित मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े चर्चित टेरर फंडिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सात दोषियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनकी ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी सातों को जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने यह राहत इस आधार पर दी कि संबंधित दोषी अपनी सजा का आधे से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। जमानत पाने वालों में विनोद कुमार गंझू, विद्वेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू, बीरबल गंझू,भीखन गंझू,अमर सिंह भोक्ता, प्रेम विकास उर्फ मंटू सिंह और अनिरुद्ध गंझू शामिल हैं।एनआईए की विशेष अदालत ने सुनाई थी सजामामले में 18 अगस्त को रांची स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 12 दोषियों को आठ से दस साल तक की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही दोषियों पर 40 हजार से 90 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया था। विशेष अदालत के इस फैसले को आरोपियों ने झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसी दौरान जेल में लंबे समय से बंद रहने का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई गई थी।2018 में एनआईए ने संभाली थी जांचटेरर फंडिंग से जुड़े इस मामले में एनआईए ने 13 फरवरी 2018 को टंडवा थाना में दर्ज कांड संख्या 2/2016 को टेकओवर किया था। जांच के दौरान एजेंसी ने 16 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच में कोयला परियोजनाओं से जुड़े कथित लेवी वसूली और टेरर फंडिंग के आरोपों की पड़ताल की गई थी।टीपीसी को फंडिंग का कथित आरोप की पुष्टि हुआ खत्मएनआईए की जांच के अनुसार, सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी संगठन और शांति समिति के बीच कथित सांठगांठ के जरिए लेवी वसूली की जा रही थी। जांच एजेंसी ने अपनी पड़ताल में तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) को फंडिंग किए जाने की बात कही थी। एजेंसी के मुताबिक, लेवी वसूली के उद्देश्य से मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं में कोयला ढुलाई का ठेका ऊंची दर पर लेने का मामला भी जांच के दायरे में था।फिलहाल, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले में बड़ी राहत मिली है।
झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ट्रिपल आइटी रांची के छात्र आदित्य कुमार की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन जारी है। खेलगांव हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्थित हॉस्टल परिसर में छात्र धरने पर बैठे हैं और उनकी मांग है कि संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक निदेशक का इस्तीफा नहीं होता और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, उनका यह आंदोलन यूं ही जारी रहेगा।छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन के बीच मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ट्रिपल आइटी के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं और बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे मंत्रालय तक पहुंचा दिया गया है। मंत्रालय के निर्देश पर एक जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है, जिसमें अलग-अलग संस्थानों के प्रोफेसरों को शामिल किया गया है।चेयरमैन ने आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और संस्थान की कमियों को दूर किया जाएगा। हालांकि, जांच कमेटी के गठन के बावजूद छात्र अपना आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। उनकी जिद सिर्फ एक है—निदेशक का इस्तीफा।मंगलवार दोपहर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यधिक एकेडमिक प्रेशर और संस्थान की भारी अव्यवस्था के कारण उनके एक साथी की जान गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निदेशक को लेनी चाहिए।हालांकि, इस संबोधन के दौरान एक नया मोड़ तब आया जब चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट वहां से उठकर चले गए। बताया गया कि उन्होंने किसी बाहरी या अन्य व्यक्ति की मौजूदगी में छात्रों से बातचीत करने से इनकार किया। इसके बाद छात्रों ने देवेंद्रनाथ महतो को बातचीत से अलग कर दिया, हालांकि वे कैंपस में ही मौजूद रहे और छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।मंगलवार दोपहर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अत्यधिक एकेडमिक प्रेशर और संस्थान की भारी अव्यवस्था के कारण उनके एक साथी की जान गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निदेशक को लेनी चाहिए।हालांकि, इस संबोधन के दौरान एक नया मोड़ तब आया जब चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट वहां से उठकर चले गए। बताया गया कि उन्होंने किसी बाहरी या अन्य व्यक्ति की मौजूदगी में छात्रों से बातचीत करने से इनकार किया। इसके बाद छात्रों ने देवेंद्रनाथ महतो को बातचीत से अलग कर दिया, हालांकि वे कैंपस में ही मौजूद रहे और छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।वहीं, खेलगांव थाना प्रभारी निर्भर कुमार ने बताया है कि प्रारंभिक जांच में छात्र के फंदे से लटककर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। पुलिस ने फिलहाल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बजाय यूडी (UD) केस दर्ज किया है और कहा है कि जांच में साक्ष्य मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधि-व्यवस्था संधारण, गश्ती व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय (रांची) एवं झारखंड सरकार के सहयोग से बोकारो जिला पुलिस को 53 आधुनिक मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं। बोकारो पुलिस लाइन में एसपी नाथू सिंह मीणा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इन नई बाइक्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।मई माह में भी मिली थीं 103 बाइक्सएसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि इससे पहले मई माह में भी जिले के थानों को 103 मोटरसाइकिलें वितरित की गई थीं। इस प्रकार अब तक पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार के सहयोग से बोकारो जिले के विभिन्न थानों को कुल 156 आधुनिक मोटरसाइकिलें सौंपी जा चुकी हैं।जीपीएस और सायरन से लैस हैं मोटरसाइकिलेंसभी मोटरसाइकिलों को विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया है। इनमें प्रभावी सायरन सिस्टम के अलावा जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। एक मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए वरीय पुलिस पदाधिकारी गश्ती दल (पेट्रोलिंग पार्टी) की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे। इससे गश्ती में तैनात पुलिस पदाधिकारी और जवान कहां ड्यूटी कर रहे हैं, इसकी सटीक जानकारी मिलेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।आगामी त्योहारों में अपराध नियंत्रण पर रहेगा जोरएसपी ने बताया कि आने वाले समय में दुर्गा पूजा, दशहरा, छठ और दीपावली जैसे प्रमुख पर्व-त्योहार हैं। इन आधुनिक बाइकों से जिले में विशेष और प्रभावी गश्ती की जाएगी ताकि चोरी, लूट और छिनतई जैसी आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आदित्यपुर थाना क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र के पास एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान वाहन चालक रथू महतो के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत था।घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मौत के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।लेकिन इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका जताई है और पुलिस से मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग की है। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। बहरहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ पाएगा कि रथू महतो की मौत महज एक हादसा थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश यानी हत्या। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
झारखंड में आज से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं! अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य के सरकारी डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर उतर आए हैं। डॉक्टर आज से काला पट्टा (Black Badge) लगाकर काम कर रहे हैं और चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द सुध नहीं ली, तो आंदोलन और भी उग्र हो सकता है।झारखंड के मेडिकल क्षेत्र के 9 बड़े संगठनों ने एकजुट होकर इस आंदोलन की शुरुआत की है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं, बल्कि उनका हक है।डॉक्टरों की कई शिकायतें हैं, लेकिन सबसे प्रमुख मांग है— डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन यानी DACP को लागू करना। डॉक्टर चाहते हैं कि केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी इसे लागू किया जाए, ताकि उन्हें तय समय पर वेतनमान में बढ़ोतरी और करियर में आगे बढ़ने के सही अवसर मिल सकें।सरकार अक्सर यह रोना रोती है कि राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर झारखंड में नौकरी करने से कतरा क्यों रहे हैं?डॉक्टरों का आरोप है कि पिछले 3-4 सालों से लगातार अपनी मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उनकी दो टूक मांग है कि:जब तक सेवा शर्तों में सुधार नहीं होगाअस्पतालों में बेहतर सुविधाएं नहीं मिलेंगी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में तैनात चिकित्सकों को उचित भत्ता (Allowance) नहीं दिया जाएगा तब तक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का स्थायी समाधान नामुमकिन है।फिलहाल डॉक्टर काले बिल्ले के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन अगर सरकार ने समय रहते इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया
झारखंड के पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के मलीपाड़ा गांव में अहले सुबह एक बंद पड़ी पत्थर खदान में तैरता हुआ अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। यह खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही शहर कोल पंचायत के मुखिया विकास गोड़ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और इसकी सूचना तुरंत नगर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नगर थाना की पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचे नगर थाना प्रभारी जॉन मुर्मू ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को खदान के पानी से बाहर निकलवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, पाकुड़ भेज दिया है।प्रारंभिक तौर पर शव को देखने से मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या कर उसके शव को इस बंद पड़े खदान में फेंका गया है, क्योंकि मृतक के हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए थे।हालांकि, पुलिस का कहना है कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच सामने नहीं आ जाती, तब तक कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस फिलहाल हत्या, आत्महत्या या अन्य सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतक युवक कौन है? खबर लिखे जाने तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के थानों से लापता युवकों की जानकारी जुटा रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके।
राजधानी रांची में अपराधियों के हौसले इन दिनों पूरी तरह बुलंद हैं। ताजा मामला रांची के कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड इलाके का है, जहाँ एक तीन मंजिला मकान में बेखौफ अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। यह मकान कृषि विभाग में कार्यरत रामाशंकर प्रसाद का है। बीती रात, हथियारों से लैस 05 अपराधी जबरन उनके घर में दाखिल हुए और इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। अपराधियों ने घर में रखे कीमती गहने और नकदी पर हाथ साफ किया और बड़े आराम से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही कांके थाना पुलिस, टेक्निकल सेल और डॉग स्क्वॉयड की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस के हाथ अब तक डकैतों का कोई सुराग नहीं लगा है। फिलहाल, पुलिस घर के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और हर एंगल से मामले की जाँच की जा रही है।गौरतलब है कि इस बड़ी घटना से ठीक पहले, रविवार की रात इसी कांके थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के बाहर अपराधियों ने चार राउंड फायरिंग की थी। पुलिस उस मामले की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाई थी कि अपराधियों ने इस दूसरी बड़ी घटना को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।अब देखना यह होगा कि राजधानी की कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले ये शातिर अपराधी कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं।
दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए कोडरमा पुलिस अलर्ट मोड में है। जिले के पुलिस कप्तान कुमार शिवाशीष ने आम लोगों से सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट नहीं करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।एसपी ने बताया कि प्रमुख पूजा पंडालों और पूजा समितियों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। संवेदनशील मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला जाएगा, जबकि विसर्जन के दौरान ड्रोन से निगरानी होगी। सुरक्षा के मद्देनजर पंडालों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया है। छिनतई और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बाइक पेट्रोलिंग भी की जाएगी।पुलिस पूजा समितियों के स्वयंसेवकों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगी। एसपी ने स्पष्ट कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से दुर्गा पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाने, आपसी सौहार्द बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
चाईबासा : एन एच -75ई मुख्य सड़क चाईबासा जगन्नाथपुर मुख्य सड़क हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के कुदापी डाउन के पास मंगलवार की सुबह एक भयंकर सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस दर्दनाक हादसे में एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर और कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके परिणामस्वरूप कार में सवार तीन व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, इस दुर्घटना में दो अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराने के पश्चात बेहतर इलाज के वास्ते जमशेदपुर भेज दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार हुआ यह परिवार छत्तीसगढ़ की ओर से अपनी यात्रा तय कर टाटानगर की तरफ बढ़ रहा था। जैसे ही उनकी गाड़ी कुदापी डाउन के पास पहुँची, विपरीत दिशा से आ रहे एक बेलगाम ट्रेलर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला भाग पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसमें सवार 3 लोगों की जीवन लीला वहीं समाप्त हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बीच एक राहत भरी बात यह सामने आई कि गाड़ी में यात्रा कर रहा 8 से 9 महीने का एक दुधमुंहा शिशु पूरी तरह सुरक्षित बच गया है। उस मासूम को केवल मामूली खरोंचें ही आई हैं और उसे फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है।दुर्घटना के घटित होते ही घटनास्थल पर भारी कोहराम मच गया। आसपास के स्थानीय निवासियों ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पुलिस महकमे को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही हाटगम्हरिया थाने की पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से कार के मलबे में फँसे शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों को फौरन अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी चिकित्सीय स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है।पुलिस ने दुर्घटना में शामिल दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है। घटना के बाद से ट्रेलर का चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है और इस दुर्घटना के कारणों की गहराई से छानबीन कर रही है। इस हादसे की वजह से मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस बल द्वारा बाद में सुचारू कराया गया। फिलहाल, मृतकों और घायलों की औपचारिक पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में पहुँच चुकी है। CID की जांच में यह साफ हो गया है कि परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी।जांच एजेंसियों के हाथ कई पुख्ता सुराग लगे हैं। आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन के मिलान से यह स्पष्ट हो गया है कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह काम कर रहा था। यह सिंडिकेट छोटे-छोटे समूहों में बंटा हुआ था, जो अभ्यर्थियों की तलाश कर उन्हें पैसे लेकर पास कराता था। जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मुन्ना सिंह ने कबूला है कि उसने जनवरी 2026 में अभ्यर्थियों से अपने खाते में 5 लाख रुपये लिए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को बोकारो के दुग्धा, पटना, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और नेपाल के होटलों में ले जाकर उत्तर रटवाए गए थे। इस गिरोह में अमित सिंह, कुंदन कुमार और अमित लकड़ा जैसे कई नाम शामिल हैं। हाल ही में CID ने संदीप कुमार और राजेश प्रसाद यादव को भी गिरफ्तार किया है।दूसरी तरफ, झारखंड हाईकोर्ट से जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग वाली रिट याचिकाओं को अपील याचिका के साथ जोड़ने का विशेष आग्रह खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि एकल पीठ में मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है, ऐसे में नियमों के खिलाफ जाकर रिट याचिकाओं को सीधे खंडपीठ में ट्रांसफर करना उचित नहीं होगा।उधर, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले में निचली अदालत ने आरोपी मिथिलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इन दोनों पर धनबाद और बोकारो के परीक्षार्थियों के साथ सेटिंग करने और उन्हें प्रश्न-उत्तर रटवाने का गंभीर आरोप है।
सरायकेला खरसावां जिला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत माझी टोला, संजय नगर में मंगलवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे एक किराए के मकान में संदिग्ध के घुसने से हड़कंप मच गया। पूरी घटना CCTV में कैद हुई है।पीड़ित महिला के अनुसार, संदिग्ध बिना कपड़ों के, शरीर पर ग्रीस लगाए और चेहरे पर नीला कपड़ा बांधे हुए था। वह छत के रास्ते कमरे में घुसा था।महिला नवरात्रि का व्रत रख रही थी और कमरे में अकेली सो रही थी, जबकि उसका पति और बच्चा घर के बाहर चौकी पर सोए थे। आरोपी ने अंदर घुसकर दरवाजा भिड़ा लिया और मोबाइल उठाने लगा। इसी दौरान महिला की नींद खुल गई। कमरे में अनजान व्यक्ति को देखकर उसने शोर मचा दिया।शोर सुनते ही संदिग्ध छत के रास्ते फरार हो गयाघटना के बाद इलाके में दहशत और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। संदिग्ध की पहचान और मकसद को लेकर जांच की जरूरत है। मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बोकारो के चंदनकियारी से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बरमसिया ओपी क्षेत्र के पारबहल रोड स्थित जशपुर मौजा के जंगलों में एक अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार, शव काफी पुराना और सड़ी-गली अवस्था में था, जिस वजह से फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव की शिनाख्त (पहचान) के लिए सुरक्षित रखते हुए उसे अगले तीन दिनों तक के लिए मर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया है। ग्रामीणों के माध्यम से सूचना मिली थी कि जशपुर के जंगल में एक अज्ञात शव पेड़ से झूल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। शव को अपने कब्जे में लेकर मर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.जंगल में इस तरह अज्ञात शव मिलने के बाद से स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों में यह आशंका बनी हुई है कि यह मामला आत्महत्या का है या फिर किसी ने हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस मामले की जांच कर रही है और शव की पहचान कराने की कोशिश जारी है।
पलामू जिला व्यवहार न्यायालय में न्यायिक व्यवस्था को आखिरकार नया और नियमित प्रमुख मिल गया है। वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी राधा कृष्ण ने पलामू के 39वें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया है.सोमवार को पलामू जिला व्यवहार न्यायालय में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला। न्यायाधीश राधा कृष्ण ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर अपना योगदान दिया। इसके साथ ही पलामू में न्यायिक व्यवस्था के शीर्ष पद पर नियमित नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। बता दें कि पलामू आने से पहले राधा कृष्ण जामताड़ा व्यवहार न्यायालय में इसी पद पर यानी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।यह पद पिछले कुछ हफ्तों से खाली था। दरअसल, पलामू के तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा को झारखंड उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाए जाने के बाद, बीते 22 सितंबर से यह पद रिक्त चल रहा था। इस अंतराल के दौरान, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम—राज कुमार मिश्रा—इस महत्वपूर्ण पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।"न्यायाधीश राधा कृष्ण के पलामू में योगदान देने के बाद स्थानीय कानूनी गलियारों में खुशी का माहौल है। जिला व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के वकीलों और मध्यस्थ अधिवक्ताओं ने उनकी नियुक्ति पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने श्री कृष्ण को उनकी इस नई और बड़ी जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई दी है और उनके कार्यकाल के पूरी तरह सफल रहने की मंगलकामना की है।"
झारखंड के हजारीबाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला पूरी तरह गरमा गया है। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है और इसे लेकर बड़ा बाजार थाने का घेराव भी किया गया है।हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र में माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस जघन्य अपराध में परिवार के अन्य सदस्य भी बराबर के शामिल हैं। परिजनों ने मांग की है कि पुलिस बाकी आरोपियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच करे और उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजे।फिलहाल, मायके पक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेगी। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान आना अभी बाकी है।
झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर 108 एम्बुलेंस कर्मचारी अपनी लंबित मांगों एवं अधिकारों को लेकर आज राँची सदर अस्पताल सहित राज्यभर में भिक्षाटन कार्यक्रम कर रहे हैं । इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है । संघ की प्रमुख मांगें हैं कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से शुरू किया जाए, बर्खास्त कर्मचारियों को पुनः बहाल किया जाए तथा सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार लागू किए जाएं । ]उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 से 20 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई । इसी कारण संघ चरणबद्ध आंदोलन करने को विवश है । आज आंदोलन का सातवाँ दिन है और भिक्षाटन कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारी अपनी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं । संघ ने सरकार से मांगों को तत्काल स्वीकार कर लागू करने की अपील की है । साथ ही स्पष्ट किया है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उनका क्रियान्वयन नहीं किया जाता, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा ।
राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दुर्गा पूजा से ठीक पहले रांची के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि शहर के सफाईकर्मियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। हटिया मजदूर यूनियन सीटू के बैनर तले सफाईकर्मियों ने आगामी 15 अक्टूबर से अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। यूनियन ने नगर निगम को साफ चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो दुर्गा पूजा के दौरान पूरे रांची शहर में कूड़े के ढेर लग जाएंगे और साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। दूसरी ओर, रांची नगर आयुक्त ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इस हड़ताल की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। नगर आयुक्त का कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है, लेकिन दुर्गोत्सव जैसे पावन त्योहार के दौरान हड़ताल करना उचित नहीं है। उन्होंने सफाईकर्मियों से अपील की है कि वे त्योहार के समय निगम का सहयोग करें, और उनकी जायज मांगों पर त्योहार के बाद विचार किया जाएगा। त्योहर के मौसम में शहर की साफ-सफाई एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब देखना यह होगा कि 15 अक्टूबर से पहले प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच कोई सहमति बन पाती है या नहीं।
भारतीय डाक विभाग, रांची मंडल के तत्वाधान में आज आड्रे हाउस में रिफॉर्म उत्सव का आयोजन किया गया. रिफॉर्म उत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतीय डाक विभाग में किये जा रहे विभिन्न सुधारो आधुनिक तकनीक के उपयोग डिजिटल सेवाओं के विस्तार तथा नागरिक को सरल सुलभ पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण डाक सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को आम जनता तक पहुंचाना था.इस खास मौके पर मुख्य अतिथि संजीव रंजन ने कहा की डाक विभाग की कार्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, सेवा वितरण प्रणाली में सुधार लाने तथा ग्राहकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में किया जा रहे प्रयासों पर विशेष जोर दिया जा रहा है बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विभाग द्वारा अपनाए जा रहे हैं सुधार एवं नवाचार सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने में सहायक साबित होंगे.रिफॉर्म उत्सव कार्यक्रम में मुख्य डाक महाध्यक्ष संजीव रंजन के अलावा डाक विभाग के अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे. झारखंड से संदीप यादव की रिपोर्ट
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) नियुक्ति परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली अलग -अलग याचिकाओं पर सोमवार, 12 अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत में सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला को फिलहाल सुरक्षित रख लिया है और साथ ही प्रार्थियों और राज्य सरकार को बहस की शॉर्ट रिटेन नोट दाखिल करने की अनुमति दी.दोपहर 2:15 बजे शुरू हुई सुनवाईमामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में दोपहर 2:15 बजे शुरू हुई और 3 बजे समाप्त हो गई. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहित राय ने पक्ष रखा. वहीं, प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पैरवी की. सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से भी दलीलें पेश की गईं. राज्य सरकार ने अपनी बहस पूरी की. इसके बाद अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.तीन परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को दी गई चुनौतीइन याचिकाओं में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है. प्रार्थियों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए अदालत से राहत देने का आग्रह किया है. मामला जेपीएससी की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़ा है. इन परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है.CDPO परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को चुनौतीप्रार्थी सुभाष मुर्मू और अन्य की ओर से याचिका दायर कर सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है. याचिका में सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर सवाल उठाये गए हैं. प्रार्थियों ने इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग उठाई है. सुनवाई के बाद अब याचिका पर फैसले का इंतजार है.JPSC 11वीं से 13वीं परीक्षा का मामला भी शामिलप्रार्थी दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और अन्य की ओर से जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती दी गई है. यह मामला भी सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था. प्रार्थियों की ओर से सरकार के फैसले के खिलाफ अपना पक्ष रखा गया. अब अदालत के फैसले से इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी.फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा पर भी फैसला सुरक्षितप्रार्थी सौरभ सिंह और अन्य ने फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है. इस मामले को भी अन्य संबंधित याचिकाओं के साथ सुनवाई के दौरान रखा गया. राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इन मामलों में फैसला सुरक्षित रख लिया.अपील याचिकाओं से जोड़ने की मांग खारिजइन रिट याचिकाओं को संबंधित अपील याचिकाओं के साथ टैग करने की मांग को लेकर दायर विशेष मेंशन को चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने खारिज कर दिया. इस प्रकार, परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अब हाईकोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार है. अदालत ने शॉर्ट रिटेन नोट दाखिल करने की छूट दी है, लेकिन फैसले की तारीख घोषित होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है.
अतिक्रमण हटाने को लेकर फुसरो में सोमवार को प्रशासन और प्रभावित लोगों के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली. जेसीबी मशीन के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.नाराज लोग सड़क पर बैठ गए और सड़क जाम कर विरोध जताया. इस दौरान लोगों ने सीओ को भी घेर लिया.प्रभावित लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले उनके बसने की व्यवस्था करनी चाहिए थी, उसके बाद उजाड़ने की कार्रवाई करनी चाहिए थी. लोगों का सवाल है कि आखिर वर्षों से बसे लोगों को हटाने से पहले उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?वहीं,सीओ ने कहा कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले ही नोटिस दिया गया था और लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन को जेसीबी के साथ कार्रवाई करनी पड़ी.एक ओर प्रशासन अतिक्रमण हटाने पर आमादा है, तो दूसरी ओर प्रभावित लोग अपने आशियाने और भविष्य को लेकर चिंतित हैं.सड़क जाम और विरोध के बीच फुसरो में माहौल गरमाया हुआ है. अब देखना होगा कि प्रशासन और प्रभावित लोगों के बीच इस गतिरोध का समाधान किस तरह निकलता है.