JHARKHAND NEWS : झारखंड JPSC स्कैम: सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका; पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते की जमानत अर्जी पर 25 को सुनवाई
राज्य में परीक्षाओं की धांधली और भ्रष्टाचार का दायरा अब और बड़ा होता जा रहा है। झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है, जिसमें 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा सहित टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की तमाम परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की गई है। यह याचिका प्रार्थी बसंत प्रसाद की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और पैसे लेकर पद बेचने के मामले सामने आए हैं। फिलहाल इस मामले की जांच सीआईडी (CID) कर रही है, लेकिन प्रार्थी का तर्क है कि इस घोटाले में कई बड़े चेहरे शामिल हैं, इसलिए सीआईडी की जांच नाकाफी है और इसकी निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि टीडीपीएल (TDPL) द्वारा झारखंड में जितनी भी परीक्षाएं आयोजित की गई हैं, उनमें गलत तरीके से अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराया गया है। जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले में जेल में बंद, आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। एल खियांग्ते ने सीआईडी कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर आज सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई होनी थी। लेकिन कोर्ट के नहीं बैठने के कारण सुनवाई टल गई है। अब अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है। आपको बता दें कि सीआईडी ने भर्ती घोटाले में कड़ा एक्शन लेते हुए एल खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और तब से वे न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब गड़बड़ी की परतें खुलने लगीं। घिरते देख एल खियांग्ते ने गत 22 जुलाई को ही जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.





