JHARKHAND NEWS : JPSC घोटाला: मुख्य आरोपी का काला सच आया सामने, होटल में चलता था 'सेटिंग' का पूरा खेल
झारखंड में जेपीएससी यानी झारखंड लोक सेवा आयोग भर्ती घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीआईडी के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं।जानकारी के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि मामले के मुख्य आरोपी अभय तिवारी ने साल 2021 में रांची के स्टेशन रोड स्थित एक होटल को 11 महीने के लिए लीज पर लिया था। जांच एजेंसी को प्रबल आशंका है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, बैठकों और 'सेटिंग-गेटिंग' के काले कारोबार के लिए इसी होटल का इस्तेमाल किया जाता था। फिलहाल, सीआईडी उस दौरान होटल में आने-जाने वाले लोगों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है.जांच का दायरा बढ़ाते हुए सीआईडी ने दो और आरोपियों को दबोच लिया है।
शनिवार को जेपीएससी के कर्मचारी सोनू कुमार और मुख्य आरोपी अभय तिवारी के करीबी सहयोगी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनसे पहले रिमांड पर लिए गए अन्य आरोपियों से हुई पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।इस पूरे घोटाले के केंद्र में रहे अभय कुमार तिवारी की कारगुजारियां भी हैरान करने वाली हैं। वह वर्तमान में गोड्डा जिले के पोडैयाहाट प्रखंड में आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर तैनात था। लेकिन सेवा में आने से पहले वह नाम बदलकर, जेपीएससी परीक्षाएं कराने वाली एजेंसी 'टीडीपीएल' में मैनेजर था। जांच में यह भी पता चला है कि उसने, उसके भाई और उसकी पत्नी ने मिलकर कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास की थीं।लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा संकट उन युवाओं पर टूट पड़ा है, जिन्होंने अपनी मेहनत के बल पर सपने बुने थे। जेपीएससी की गड़बड़ियों के बाद आयोग ने 9 परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं, जबकि 3 अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया भी अधर में लटक गई है। कुल मिलाकर 12 परीक्षाएं और 750 से ज्यादा पदों पर ग्रहण लग चुका है, जिससे करीब 1.70 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य इस वक्त खतरे में है।





