JHARKHAND NEWS : झारखंड में बदला 15 अगस्त का शेड्यूल, अब जिला से पंचायत स्तर तक सुबह 9 बजे के बाद होगा ध्वजारोहण
इस बार 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के जश्न का स्वरूप थोड़ा बदला हुआ नजर आएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए और विस्तृत दिशा-निर्देशों के बाद, झारखंड सरकार ने राज्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन को लेकर कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।सबसे बड़ा बदलाव समय को लेकर किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, झारखंड में राज्य मुख्यालय से लेकर जिला, अनुमंडल, प्रखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक—यानी हर जगह ध्वजारोहण का कार्यक्रम सुबह 9 बजे के बाद ही आयोजित किया जाएगा।मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) की ओर से जारी इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह के समय में एकरूपता और अनुशासन बनाए रखना है।कार्यक्रम की शुरुआत और समापन को लेकर भी नियम बेहद स्पष्ट कर दिए गए हैं। अब हर स्तर पर समारोह का संचालन एक तय प्रोटोकॉल के तहत होगा: समारोह की शुरुआत सबसे पहले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन से होगी।
ध्वजारोहण: वंदे मातरम के बाद तय समय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा और निर्धारित सांस्कृतिक या अन्य कार्यक्रम होंगे।
समापन: पूरे कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के गान के साथ किया जाएगा।
यह अनिवार्य क्रम राज्य स्तर से लेकर बिल्कुल ग्राम पंचायत स्तर तक होने वाले सभी आयोजनों में सख्ती से लागू होगा।जिम्मेदारियों का भी स्पष्ट बंटवारा कर दिया गया है ताकि समारोह बिना किसी असमंजस के संपन्न हो सके.राज्य स्तर (रांची): राजधानी रांची में मुख्यमंत्री द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद राज्य पुलिस, अर्धसैनिक बल, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट्स की टुकड़ियों द्वारा शानदार गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
जिला मुख्यालय: यहां निर्धारित व्यवस्था के अनुसार माननीय मंत्री, प्रमंडलीय आयुक्त या उपायुक्त झंडोत्तोलन करेंगे और परेड की सलामी लेंगे।
अनुमंडल स्तर: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO/SDM) झंडोत्तोलन करेंगे।
प्रखंड स्तर: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ध्वजारोहण की कमान संभालेंगे और वहीं, पंचायत एवं ग्राम स्तर पर संबंधित पंचायत के सरपंच या ग्राम प्रधान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।





