झारखंड में राज्यसभा चुनाव की गहमा-गहमी : पक्ष-विपक्ष के नेताओं की बढ़ी बैचेनी,जीत का किया दावा
रांची:झारखंड में दो सीटों पर हो रही राज्यसभा चुनाव को लेकर गहमा-गहमी बरकरार है. कांग्रेस के समक्ष दोहरी चुनौतियां हैं पहली चुनौती जीत दर्ज करने की है तो दूसरी चुनौती बड़ी हार को टालने की भी है. दरअसल,बीजेपी समर्थित परिमल नथवाणी की सक्रियता ने भी प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की बेचैनी बढ़ा दी है. बेचैनी बढ़ने के पीछे का कारण प्रणव झा है, क्योंकि प्रणव झा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सलाहकार है. वहीं, बीते दिनों पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ प्रणव झा, RJD प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की है.
तेजस्वी से मुलाकात होने पर बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने कहा कि इतना तो साफ है कि राज्य में 81 विधायक है और सभी से परिमल नाथवानी ने संपर्क किया है और विधायक अब अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनेंगे और मतदान करेंगे.
वहीं, तेजस्वी से मुलाकात पर प्रदेश कांग्रेसमीडिया प्रभारी का कहना है कि इंडिया गठबंधन में हमारा एलायंस पार्टन आरजेडी है. इस बावत पार्टी के उम्मीदवार प्रणव झा तेजस्वी से मुलाकात करने पटना गए थे. इस दौरान महंगाई, बेरोजगारी और अन्य विषयों पर चर्चा हुई थी. पार्टी ने दोनों सीट पर चुनावी जीत का दावा किया है.उन्होंने ये भी दावे के साथ कहा है कि बीजेपी के कई विधायक हमारे संपर्क में है.
जबकि,जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय का कहना है कि बीजेपी के प्रवक्ता नाथवानी को चुनाव जीता रहे हैं और उन्हीं के NDA विधायक दल की बैठक में कई विधायक नहीं पहुंचे. परिमल नाथवानी की इस चुनाव में बड़ी हर होने जा रही है.





