JDU डूबता जहाज : RCP सिंह का पार्टी से इस्तीफ़ा, नीतीश को कहा टाटा - बाय बाय

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पटना : इस वक्त की बिहार की सबसे बड़ी सियासी खबर सामने आ रही है। जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। आरसीपी सिंह ने जेडीयू को 'डूबता जहाज' बताते हुए कहा कि यहां अब कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं रह गयी है। आरसीपी सिंह ने मीडिया के सामने इसका एलान कर दिया है ।

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के ऊपर लगे जमीन से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर शनिवार के दिन भर राजनीतिक गलियारों से लेकर मिडीया की गलियारो में यह खबर सुर्खियों में रहने के बाद देर शाम पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह मीडिया से रूबरू हुए, आज देर शाम उन्होंने अपने पैतृक मुस्तफापुर गांव के प्रेस वार्ता का आयोजन किया, इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री थोड़े भावुक भी दिखी।उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आरसीपी सिंह ने अपने पैतृक गांव में कहा कि जिसके खुद के घर शीशा का हो वह दूसरे के घरों में पत्थर नही मारा करते है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने जदयू छोड़ने का किया एलान, इस्तीफा देने की कही बात,खुद की पार्टी बनाने का बनाने पर विचार किया। जदयू पार्टी डूबता हुआ जहाज जो भी कार्यकर्ता इस डूबते हुए जहाज को छोड़ना चाहते है छोड़ दे।मैंने हमेशा पार्टी में सच्चे कार्यकर्ता के रूप में काम किया।जदयू ने राजनीति की स्तर को तोड़ दिया। आरसीपी सिंह ने कहा सात जन्मों में सीएम नीतीश कभी प्रधानमंत्री नही बन पाएगे।यह मैं दावा करता हूं।

जेडीयू ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की पार्टी की तरफ से शो कॉज नोटिस भेजे जाने के बाद से ही माना जा रहा था कि वे कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। दरअसल ये नोटिस नालंदा जिले के जेडीयू प्रखंड अध्यक्ष के आरोप पर भेजा गया था। इस नोटिस को देखें तो जेडीयू ने आरसीपी सिंह पर परोक्ष रूप से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, जो कि नीतीश की जीरो टॉलरेंस नीति है।

नोटिस में आरसीपी सिंह पर जेडीयू में रहते अकूत संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया गया। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से ये जवाब-तलब किया गया। साल 2013-2022 तक प्रॉपर्टी अर्जित करने का आरोप है। इसमें नालंदा जिले के दो प्रखंडों में खरीदी गई 40 बीघा जमीन भी शामिल है। जमीन को दान में लेने का आरोप भी आरसीपी सिंह पर लगा है। इन संपत्तियों का चुनावी हलफनामे में जिक्र नहीं किया गया था। पार्टी का आरोप है कि जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस बात को छिपाए रखा। जेडीयू ने यहां तक आरोप लगाया है कि आरसीपी सिंह ने अपनी पत्नी के नाम में हेरफेर कर जमीन खरीदी है।