DESK : हरतालिका तीज का व्रत हर सुहागिन के लिए अहम होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसके साथ ही मन पसंद पति पाने के लिए कुंवारी लड़कियां भी इस व्रत को करती हैं। महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रख कर सूर्यास्त के बाद पूरे सोलह श्रृंगार को धारण कर पूरे विधि विधान से पूजा करती हैं।


सुहागिन महिलाएं रख रही निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र के लिए पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता पार्वती के साथ ही भगवान शिव और भगवान जी का पूजन किया जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं, यानि दिनभर जल या अन्न कुछ भी ग्रहण नहीं करतीं। सुहागिन महिलाएं यह पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। साथ ही यह भी कहा जाता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। हरतालिका तीज का व्रत पूजन बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड काफी ज्यादा प्रचलित है।

सुहागिन महिलाएं रख रही निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र के लिए पूजा

सुहागिन महिलाएं रख रही निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र के लिए पूजा


हरतालिका तीज की कथा

हरतालिका तीज से जुड़ी किंवदंती के अनुसार, देवी पार्वती शिव से विवाह करना चाहती थीं। भगवान शिव को पाने के लिए वे कठोर तपस्या कर रही थीं लेकिन उनके पिता हिमालय राज ने उनकी शादी भगवान विष्णु से तय कर दी थी। ऐसा होने से बचने के लिए माता पार्वती की सहेलियों ने उनका अपहरण कर लिया और उन्हें गुफा में ले गईं ताकि उन्हें भगवान विष्णु से शादी करने से बचाया जा सके। माता पार्वती गुफा में भी कठोर तपस्या करती रहीं। इससे भोलेनाथ बहुत प्रसन्न हो गए और उन्होंने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था।