लोहरदगा:-लोहरदगा जिले के कैरो थाना क्षेत्र के नगजुआ गांव निवासी 50 वर्षीय वासुदेव उरांव, जो रेलवे में संविदा पर लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे की बुधवार को मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई थी। जिससे न सिर्फ लोहरदगा से चलकर रांची जाने वाली आरएल छह, बल्कि रांची-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची-सासाराम एक्सप्रेस ट्रेन भी प्रभावित हुई। हजारों यात्री रांची के पिस्का, लोहरदगा के नगजुआ स्टेशन पर घंटों फंसे रहे।

इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार शाम नगजुआ रेलवे फाटक के पास लोहरदगा–रांची रेल लाइन को जाम कर दिया। इसके कारण कई ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। लोहरदगा–रांची मेमू, रांची–सासाराम एक्सप्रेस और रांची–दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस घंटों तक अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं।

लोहरदगा से इस मेमू ट्रेन के शाम 4:45 पर रांची के लिए खुलने का समय है। गुरुवार को ट्रेन 5.06 मिनट में लोहरदगा स्टेशन से खुली। ट्रेन शाम 5.28 मिनट से नगजुआ में खड़ी रही।

वहीं रांची से रांची से चल कर सासाराम को जाने वाली रांची-सासराम एक्सप्रेस ट्रेन 5.52 से नगजुआ में खड़ी थी। जबकि रांची से चल कर दिल्ली को जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस 6.33 से रांची के पिस्का स्टेशन में खड़ी थी। आरपीएफ द्वारा ग्रामीणों को समझाए जाने के बाद भी ग्रामीण नौकरी और मुआवजे की मांग पर अड़े हुए थे।


