फाइल लटकाने पर कार्रवाई : मुजफ्फरपुर के राजस्व पदाधिकारी सस्पेंड, सम्राट सरकार का सख्त संदेश, जनता के काम में देरी अब नहीं चलेगी
पटना: बिहार में जनता की समस्याओं से जुड़ी फाइलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है. मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी में पदस्थापित राजस्व पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है. उन पर आम लोगों से जुड़े मामलों की फाइलों को लंबे समय तक लंबित रखने और सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप है. इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है.
नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार अधिकारियों को जनता के काम में तेजी लाने और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने की चेतावनी देते रहे हैं. सरकार का साफ संदेश रहा है कि जनता को दफ्तरों के चक्कर लगाने और टहलाने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी सख्ती के बीच यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है.
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल भी विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर लगातार जोर देते रहे हैं. मंत्री ने कई बैठकों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जमीन,दाखिल-खारिज,म्यूटेशन और अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. सरकार का मानना है कि प्रशासन की जवाबदेही तय किए बिना आम लोगों को राहत नहीं मिल सकती.
धर्मेंद्र कुमार के निलंबन को सरकार की उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है,जिसमें लापरवाही पर सीधे कार्रवाई का प्रावधान है. इस फैसले के बाद अधिकारियों के बीच यह संदेश गया है कि जनता से जुड़े मामलों में ढिलाई या फाइल लटकाने की प्रवृत्ति अब भारी पड़ सकती है. सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई और तेज हो सकती है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





