DSP रणजीत रजक को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत : आय से अधिक संपत्ति का केस रद्द,चार साल के बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी EOU
पटना:हाईकोर्ट ने पुलिस उपाधीक्षक रणजीत कुमार रजक के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले को चार साल के बाद भी चार्जशीट दायर नहीं करने पर रद्द कर दिया. जस्टिस प्रवीण कुमार ने इस मामले पर सुनवाई करते कहा कि न सिर्फ चार्जशीट दायर करने में विलम्ब हुआ,बल्कि जांच भी सही ढंग से नहीं की गई.
बिहार आर्थिक अपराध ईकाई ने 2022 में पुलिस उपाधीक्षक रणजीत कुमार रजक के विरुद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में एफआईआर दर्ज किया. चार साल तक जांच करने के बाद भी बिहार आर्थिक अपराध ईकाई जांच पूरी नहीं कर पाई.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन चार सालों में जांच एजेन्सी ने आय से अधिक धन अर्जित करने के मामलें में ठोस कोई तथ्यात्मक आधार प्रस्तुत नहीं कर पाई. इस आय की गणना में काफी खामियां पाई गई.
सही ढंग से सम्पत्ति अर्जित किये गए आय,जिसकी अवधि 10 फरवरी,2015 से 5 सितम्बर, 2022 थी,का प्रतिशत लगभग 81फीसदी रही. साथ ही कृषि की आय को इस जांच में शामिल नहीं किया गया.
लगभग 34 लाख रुपये के कृषि आय को जांच एजेन्सी ने आय गणना में विचार नहीं किया. एजेंसी ने गणितीय गणना भी सही ढंग से नहीं की.
कोर्ट ने इस लम्बी अवधि तक जांच में विलम्ब स्पष्टीकरण न मिलने को गंभीरता से लिया।साथ ही जांच अधूरी रहने और इसमें खामियां पर भी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने इन परिस्थितियों को विचार करते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामलें में पुलिस उपाधीक्षक रणजीत कुमार रजक को राहत प्रदान की.





