डीजे प्रतिबंध मुद्दें पर सियासत : बीजेपी विधायकों का हंगामा ने बढ़ाया सियासी पारा,जेएमएम ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
रांची: झारखंड विधानसभा में सदन के बाहर डीजे प्रतिबंध पर लगी रोक परबीजेपी विधायकों द्वारा किया गया हंगामा ने सियासी पारा बढ़ा दिया है. इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में आरोप-पत्यारोप चल रहा है. डीजे प्रतिबंध मामले परझारखंड मुक्ति मोर्चा के मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने बीजेपी विधायकों के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक सदन में जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं और जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
धीरज दुबे ने स्पष्ट कहा कि डीजे पर रोक लगाने का निर्णय राज्य सरकार का नहीं, बल्कि न्यायालय का है. उन्होंने बताया कि झारखंड सिविल सोसाइटी द्वारा दायर जनहित याचिका संख्या 1997/19 पर झारखंड उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. इसके बावजूद बीजेपी विधायक इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह भ्रामक है.
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आदेश दिया था. इतना ही नहीं, इसी मामले में न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सिविल कंटेम्प्ट केस नंबर 246 ऑफ 2019 पर भी सुनवाई कर रही है, जो अभी विचाराधीन है. ऐसे में सरकार न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए बाध्य है, लेकिन बीजेपी नेता तथ्योंको तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं.
जेएमएम नेता ने कहा कि यदि बीजेपी को वास्तव में जनता की चिंता है तो उन्हें विधानसभा के अंदर राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए. लेकिन, इन अहम विषयों को छोड़कर हंगामा और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधानसभा की गरिमा भी प्रभावित हो रही है.
धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास राज्य सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह ऐसे मामलों को बेवजह तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा न्यायालय के आदेशों का सम्मान करती है और कानून के दायरे में रहकर ही निर्णय लेती है.
उन्होंने बीजेपी से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है,लेकिन विपक्ष को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए. जनता को गुमराह करने और सदन में अनावश्यक हंगामा करने के बजाय बीजेपी को सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब कुछ देख और समझ रही है कि कौन विकास की बात कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक नाटक कर रहा है.





