देवघर में श्रावणी मेला को लेकर बैठक : मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा-श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता
देवघर: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर सरकार और प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में रविवार को पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने देवघर और दुमका के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित तमाम वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.
लापरवाही नहीं की जाएगीबर्दाश्त
बैठक में मेला की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
व्यवस्थाएं बेहतर उपलब्ध कराने का निर्देश
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि 31 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत हो रही है, देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु देवघर और दुमका पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं का आंकलन किया गया है और जहां-जहां कमियां सामने आई थीं, उन्हें इस बार हर हाल में दूर करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही जो व्यवस्थाएं बेहतर थीं, उन्हें और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है.
श्रावणी मेलाझारखंड की पहचान का प्रतीक
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रावणी मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान का प्रतीक है. ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव अच्छा होना बेहद जरूरी है. उन्होंने दोनों जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और मेला क्षेत्र में हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर लगातार निगरानी बनाए रखें.
श्रावणी मेला मेंश्रद्धालुओं के लिए तैयारी का निर्देश
वहीं, खिजुरिया से बाबा मंदिर तक प्रस्तावित फुट ओवर ब्रिज को लेकर भी मंत्री ने महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस परियोजना की डीपीआर तैयार हो चुकी है और देवघर उपायुक्त को इसे जल्द से जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया है. हालांकि, यह एक बड़ा और समय लेने वाला कार्य है, लेकिन इसे प्राथमिकता में रखते हुए आगे बढ़ाया जाएगा ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं को आवागमन में सहूलियत मिल सके. मंत्री सुदिव्य सोनू ने अपने बयान के अंत में कहा कि सरकार की मंशा साफ है कि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु झारखंड से सुखद अनुभव लेकर लौटें.





