छिन्नमस्तिका मंदिर में दुर्व्यवहार मामला : हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने DGP से की दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
रांची: रामगढ़ जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं के साथ की गई मारपीट और दुर्व्यवहार मामला अब तूल पकड़ लिया है. इस घटना से गुस्साए झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है. बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस का अमानवीय व्यवहार निंदनीय
राकेश सिन्हा द्वारा प्रेषित पत्र (पत्रांक 108/2026) में उल्लेख कर बताया गया है कि रजरप्पा मंदिर परिसर में पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की है. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. प्रेषितपत्र में कहा गया है कि मंदिर जैसे अत्यंत पवित्र स्थान पर पुलिस का यह अमानवीय व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि इससे आम जनता और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है.
दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग
धार्मिक न्यास बोर्ड ने डीजीपी से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है. ताकि दोषि पुलिसकर्मियों की सच्चाई सामने आ सके.पत्र में यह भी मांग की गई है किजांच पूरी होने तक घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए. धार्मिक न्यास बोर्ड ने कहा किजांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे. ताकि,भविष्य में पवित्र धार्मिक स्थलों पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इसके लिए पुख्ता सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए जाए.
प्रशासन पर विश्वास बहाली की चुनौती
पत्र में राकेश सिन्हा ने यह भी जोर देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से जनता का पुलिस प्रशासन से विश्वास कम होता है. न्यायोचित कार्रवाई के जरिए ही पुलिस की छवि को सुधारा जा सकता है और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा का भाव रहना भेहद जरूरी है. रजरप्पा मंदिर झारखंड का प्रमुख शक्तिपीठ है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस तरह की घटना होने पर श्रद्धालुओं का भरोसा उठ जाएगा.





