चाईबासा पुलिस महकमे में हड़कंप : आरक्षी ने मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के नाम बदलकर किया गड़बड़झाला,26 लाख का गबन
चाईबासा:पुलिस विभाग के वेतन मद से 26 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस घोटाले का मास्टरमाइंड अकाउंट सेक्शन में तैनात आरक्षी देव नारायण मुर्मू निकला, जिसने सरकारी सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सिस्टम को ही चूना लगाने का काम किया. आरोपी आरक्षी देवनारायण मुर्मू ने सरकारी राशि का गबन कर फुटबॉल टीम बनाई और बड़े टूर्नामेंट में लाखों रुपए का जुआ खेलता रहा.पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने करीब 26 लाख रुपए की अवैध निकासी की.
पुलिस विभाग का सिपाही निकलामास्टरमाइंड
जब इस घोटाले की परतें खुली हैं,तो पुलिस महकमे से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया. यहां जिला पुलिस विभाग के खातों से लाखों रुपये की अवैध निकासी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का ही सिपाही निकला है.
खाकी पर लगाया दाग
महालेखाकार, रांची कार्यालय की समीक्षा के दौरान चाईबासा जिला कोषागार से पुलिस मद की राशि निकासी में गड़बड़ी का जब संदेह हुआ, तो उपायुक्त के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गई. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कोषागार पदाधिकारी सुमित कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई. जिस खाकी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी के एक सिपाही ने भरोसे को तोड़ दिया.
2016 सेचलता रहा फर्जीवाड़े का खेल
आरोपी आरक्षी देवनारायण मुर्मू, जो 2016 से लेखा कार्य देख रहा था. उसने मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के नाम बदलकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए. इस दौरान उसने अपने साला, जीजा और एक मित्र के खातों का उपयोग किया. इस पैसे से उसने “किंगफिशर” नाम की फुटबॉल टीम बनाई और महंगे खिलाड़ियों को शामिल कर बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया. इन टूर्नामेंटों में लाखों रुपए का दांव (जुआ) लगाया जाता था.





