अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ विवाद : जमशेदपुर में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा, मकान तोड़ने पर बवाल
जमशेदपुर:जिले केबागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित ग्वाला बस्ती में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई उस समय विवाद में बदल गई, जब स्थानीय लोगों के भारी विरोध और हंगामे के कारण टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा.
रेलवे प्रशासन पहुंची थीअतिक्रमण हटाने
बताया जा रहा है कि रेलवे इंजिनियरिंग विभाग की टीम ग्वाला बस्ती स्थित मेघा यादव नाम की महिला के मकान को तोड़ने पहुंची थी. रेलवे का दावा है कि मकान उसकी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया है और इस संबंध में करीब 15 दिन पहले नोटिस भी जारी किया गया था. रेलवे प्रशासन ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद ही टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, लेकिन जैसे ही टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की तैयारी शुरू की, स्थानीय लोग एकजुट होकर विरोध पर उतर आए. देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष एकजुट हो गए और विरोध तेज हो गया.
रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों मेंधक्का-मुक्की
स्थिति उस वक्त और बिगड़ गई जब रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस शुरू होने लगी. विवाद इस हद तक होने लगा की रेलवे टीम और स्थानीय लोगों में धक्का-मुक्की तक होने लगी. हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.
रेलवे के जमीन पर बनामकान तोड़ने पर हंगामा
घटना के दौरान आरपीएफ और बागबेड़ा थाना पुलिस के डेढ़ दर्जन से अधिक जवान तैनात थे, लेकिन इसके बावजूद लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ. करीब दो घंटे तक विरोध और हंगामा चलता रहा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान वर्षों से बना हुआ है और अचानक इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है.
रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जानहीं किया जाएगाबर्दाश्त
वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. स्थिति बिगड़ते देख रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल कार्रवाई स्थगित कर दी और टीम वापस लौट गई. रेलवे प्रशासन अब पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है. रेलवे प्रशासन ने संकेत दिया है कि जल्द ही भारी सुरक्षा बल के साथ दोबारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा सकती है.





