बजट सत्र : विधानसभा में सीएम हेमंत सोरेन का संबोधन,बोले-झारखंड रुका नहीं झुका नहीं आगे बढ़ता रहा
रांची:झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन कार्यवाही के अंत में सदन में सीएम हेमंत सोरेन ने संबोधित किया. सीएम ने सबसे पहले कहा कि विधानसभा और लोकसभा को लोग आशा भरी नजरों से देखते है. यह सदन राज्य की दिशा और दशा तय करता हैं. सीएम ने कहा कि बजट सत्र बेहद महत्वपूर्ण मामना जाता है. इससे राज्य की जनता देखती है. सीएम ने सदन की कार्यवाही में अध्यक्ष सहित पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के हिस्सा लेने पर धन्यवाद दिया.
सीएम ने कहा कि सत्र के दौरान एक तरफ विपक्ष ने कई आरोप लगाए तो दूसरी ओर कई विचार भी आये. सीएम ने कहा कि सदन में विपक्ष की भूमिका बहुत बड़ी होती है. छह वर्षों से चल रही जेएमएम गठबंधन की सरकार को कई परिस्थितियों से गुजरना पड़ा है. यह किसी से छुपा नहीं है. सामाजिक परिस्थितियों को कैसे हमने बुना यह किसी से छुपा नहीं है. इनके शासनकाल में क्या व्यस्था रही यह सभी जानते हैं. पूरी सामाजिक सौहार्द के साथ सरकार चल रही है.
आगे सीएम ने कहा कि राज्य सरकार के कार्यों की चर्चा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है. सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही है. आज विपक्ष के साथी प्रश्न पूछते है और अधिकतर आलोचनाएं विपक्ष की तरफ से आती है. यह जितनी मजबूती से आलोचनाएं रखते हैं उतनी ही मजबूती से सरकार आगे बढ़ रही है. विपक्ष की हर गतिविधि को जनता ने देखा है.
आदिवासी मूलवासियों के अधिकार की रक्षा के लिए हम लोगों ने हर तरह से प्रयास किया और हम लोगों ने यह साबित भी किया कि इस राज्य का जब सेवा करने का मौक मिला तो इन छह सालों में सरकार के बजट में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इसी आत्मविश्वास के साथ हम लोग आगे बढ़ रहे है हमारे वित्त प्रबंधन में हम आगे बढ़ रहे हैं.
हेमंत सोरेन ने एक बार फिर दोहराया'झारखंड रुका नहीं झुका नहीं' झारखंड आगे बढ़ता रहा है. जब हमारी सरकार के आने से पहले 12 से 13 लोगों को पेंशन मिलता था. आज सर्वजन पेंशन के माध्यम से 36 लाख लोगों को पेंशन दिया जा रहा है. हमारी सरकार सभी को पेंशन का लाभ दिया. यह संवेदनशील शासन का उदाहरण है.
राज्य में मंईयां योजना मिशाल के तौर पर साबित हुआ है. कई ऐसे पड़ोसी राज्य है जो सिर्फ चुनावी वादा बन के रह रहा है. इस योजना का लाभ 50 लाख लोगों को मिल रहा है अभी तक महिलाओं के खाते में 20 हजार करोड़ भेजा जा चुका है.
बजट में भी मंईयां सम्मान राशि के लिए सबसे अधिक बजट का प्रावधान रखा गया. जिनके लिए काम कर रहे है उनको सीधा सरकार से जोड़ कर रखे यह असली राजनीत ह. आज सिर्फ महिलाएं इस योजनाओं का लाभ नहीं ले रही, वह सशक्त भी हो रही है. यह योजना राज्य के लिए मिल का पत्थर साबित हो रहा है. हम लोग आगे भी ऐसी कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे.
सदन में सीएम बोले जोहार योजना के दूसरे चरण की शुरुआत होगी. राज्य की मंईयां को पांच करोड़ का कैपिटल इंसेंटिव देने का काम सरकार करेगी. हेमंत सोरेन ने कहा कि 'हम मदद देने वाली सरकार नहीं अवसर देने वाली सरकार है'.आगे कहा किसीएम एक्सलेंस के 100 विद्यालय और खोले जाएंगे और 12 नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे.
जिस राज्य में पांच साल में जेपीएससी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती थी, उस राज्य में महागठबंधन सरकार ने एक कार्यकाल में तीन-तीन नियुक्तियां पूरी की. न्यू पेंशन योजना को लेकर कर्मचारियों ने रोष जताई लेकिन किसी ने नहीं सुनी. वर्तमान सरकार ने उनकी सुनी और पुरानी पेंशन योजना लागू हुई और देश का पहला राज्य बना.
देश के खड़ी देशों में उत्पन्न स्थिति से लोगो का अरबो डूब रहा है इसका हिसाब देने वाला कौन है यह पैसे आम लोगों के है और विदेश के लोग अपने दरवाजे बंद कर दे तो स्थिति खराब हो जाएगी. देश में किसका राज चल रहा है,यह समझ नहीं आ रहा है ट्रंप बोल रहे है तो बैठ जाओ खड़ा बोल रहे है तो खड़ा हो जाओ कि स्थिति बन गई है. पुरानी पेंशन योजना से बहुत बड़ी राहत लोगों को मिल रही है हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के योजनाएं लागू की है.
देश में लगातार बदलाव हो रहे हैं और अब AI का जमाना आ गया है. देश दुनिया काफी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. राज्य में चल रही अद्भुत योजनाएं और संरचनाएं आगे बड़े इसपर कैसे आगे बड़े यह काम चल रहा है. सरकार के कराए गए कार्यों के लिए एक सीएम डेटा इंटेलिजेंस बनाया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और तेजी कर दी जाएगी.
झारखंड इकोनॉमिक डुप्लोमेंट का गठन किया जाएगा. साल 2028 तक पांच इको टूरिजन सिस्टम डेवलप किया जाएगा.





