बिहार विधानसभा का मानसून सत्र : तेजस्वी यादव की गैर मौजूदगी पर सियासत तेज,जेडीयू-बीजेपी का हमला
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्र के दौरान तेजस्वी यादव के सदन में मौजूद नहीं रहने पर सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को निशाने पर लिया है। दोनों दलों के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष की विदेश यात्रा और सदन से गैरहाजिरी पर सवाल उठाते हुए इसे उनके संवैधानिक दायित्वों से जुड़ा मुद्दा बताया है।
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो वे "अमेरिका-ईरान विवाद सुलझाने गए हैं",जबकि संयुक्त राष्ट्र भी इस विवाद का समाधान नहीं कर पाया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि तेजस्वी किस देश या किस ग्रह पर हैं, इसकी जानकारी शायद उनकी पार्टी के नेताओं को भी नहीं है। उन्होंने आरजेडी के उस बयान पर भी कटाक्ष किया,जिसमें कहा गया था कि तेजस्वी की "आत्मा सदन में मौजूद है"।
वहीं, बीजेपी विधायक बैद्यनाथ प्रसाद ने भी तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का सबसे बड़ा दायित्व सदन में रहकर जनता के मुद्दों को उठाना है। ऐसे समय में जब विधानसभा का सत्र चल रहा है, उनका विदेश में होना उचित नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, आरजेडी ने सत्तापक्ष के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति से संगठन या विपक्ष की भूमिका पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि राजद पूरी मजबूती के साथ जनता के मुद्दे उठा रही है और पार्टी का हर कार्यकर्ता तेजस्वी यादव की सोच के साथ खड़ा है।
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद अब मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नया सियासी मुद्दा बन गया है।





