BIHAR NEWS : CPI के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा-आम बजट जनविरोधी, पूंजीपतियों का हितैषी
पटना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि केन्द्रीय बजट में बिहार की उपेक्षा की गई है. बजट में किसान,मजदूर,महिलाओं,युवाओं और बेरोजगारों का ध्यान नहीं रखा गया है. जिन योजनाओं की घोषणा की गई है,वह पुरानी है. महंगाई और बेरोजगारी कम करने की कोई ठोस घोषणा नहीं की गई. बजट पूरी तरह पूंजीपतियों के हित में तैयार किया गया है. यह बजट जन विरोधी और पूंजीपतियों का हितैषी है.
भाकपा के राज्य सचिव ने कहा है कि वित्तीय वर्ष-2026-27का केन्द्रीय बजट वैश्विक नीतिगत अनिश्चितताओं के पीछे भाजपा शासन के पिछले11वर्षों की विफलताओं को छिपाने की एक कपटपूर्ण कवायद है. भाजपा की कॉरपोरेट-समर्थक नीति-निर्धारण और कष्टकारी निर्णयों के कारण आम लोगों को व्यापक दुखों का सामना करना पड़ा है और सरकार ऐसे समय में बेशर्मी से अपनी विफलताओं को बाहरी विकासों पर छिपाने की कोशिश कर रही है,जब कच्चे तेल की कीमतें पहले की तुलना में अनुकूल बनी हुई है.
भाजपा ने फिर से रोजगार सृजन पर बयानबाजी की है,लेकिन कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर विफल रही है. पीएम मोदी एक दशक पहले प्रति वर्ष2करोड़ नौकरियाँ देने का वादा किया था. यानी अब तक कुल मिलाकर20करोड़ नौकरियां होनी चाहिए थी. बेरोजगारी से युवा बेचैन है. लेकिन भाजपा के लिए सिर्फ बयानबाजी ही मायने रखती है. शिक्षा,स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवंटन स्थिर बना हुआ है. सरकारी प्राप्तियों में अप्रत्यक्ष करों का हिस्सा कारपोरेट टैक्स से अधिक है,जिससे पता चलता है कि सरकार आम लोगों पर बोझ डाल रही है. बजट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार युवाओं,महिलाओं,गरीबों और किसानों पर केवल शोर मचाती है,जबकि विशेष रूप से कॉरपोरेट हित को आगे बढ़ाती है.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-





