बोधगया: इंडियन नेवीद्वारा वर्ष 1995 से विशाखापट्टनम में आयोजित द्विवार्षिक बहुपक्षीय समुद्री कार्यक्रम‘अंतर्राष्ट्रीय बेड़े की समीक्षा (आईएफआर)’और‘मिलन-26’इस वर्ष फरवरी 2026 में आयोजित किया जा रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार,20 फरवरी 2026 को बोधगया के लिए एक विशेष सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम तय किया गया.
बीटीएमसी सचिव महाश्वेता महारथी ने जानकारी दी कि इस दौरान 74 देशों की विदेशी नौसेनाओं के कर्मियों सहित लगभग 327 नौसेना अधिकारियों का एक प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल एक दिवसीय दौरे पर पवित्र नगरी बोधगया पहुंचा. प्रतिनिधिमंडल ने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलMahabodhi Templeमें श्रद्धांजलि अर्पित की.
विदेशी प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर बीटीएमसी द्वारा पारंपरिक और गर्मजोशी भरा स्वागत किया गया. इस अवसर पर बीटीएमसी सचिव महाश्वेता महारथी,बीटीएमसी के मुख्य पुजारी भिक्षु चालिंडा,महाबोधि मंदिर के कार्यवाहक भिक्खु डॉ. दिनानंद तथा बीटीएमसी सदस्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह मौजूद रहे.
प्रतिनिधिमंडल को मंदिर परिसर और पवित्र बोधि वृक्ष का भ्रमण कराया गया. इस दौरान उन्हें भगवान बुद्ध के जीवन,ज्ञानोदय की महत्ता तथा शांति,करुणा और सह-अस्तित्व जैसे बौद्ध मूल्यों की वैश्विक प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. ये मूल्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और मित्रता की भावना से गहराई से जुड़े हुए हैं.
दौरे के अंत में विदेशी प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध और यादगार बताया. उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत और बौद्ध धरोहर की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय और भारत के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने वाली साबित होगी.
बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट--
