BIHAR NEWS : देसी ड्रिंक को मिला ग्लोबल पहचान, स्टार्टअप आईडिया ने दिलाया विदेशों में सम्मान, पढ़ें पूरी स्टोरी

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पटना:बिहार में बीते कुछ सालों में कई सफल स्टार्टअप ने देश व दुनिया में अपने प्रोडक्ट के दम पर एक अलग पहचान बनाई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा 2022 में शुरू हुए स्टार्टअप योजना इन सफल स्टार्टअप के लिए वरदान के रूप में साबित हो रहा है. इसी कड़ी में बिहार के मधुबनी जिले से शुरू हुए देशी स्टार्टअप सत्तूज ड्रिंक ने अपने सादगी व स्वास्थ्य लाभकारी सुविधा की वजह से देश व दुनिया में अलग पहचान कायम किया है. साथ ही साल 2019 में शुरू की गयी कंपनी सत्तूज को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है. इसके अलावा राजधानी में फूड क्वालिटी प्रमाणित वाली स्टार्टअप कांग्नोसमड आज छोटे-बड़े सभी फूड बेवरेज ब्रांड की क्वालिटी पुष्टि करके लोकली या ग्लोबली बेचने में सहयोग प्रदान करती है.

रियलिटी शो शार्क टैंक में मिला सराहना

2019 में शुरू हुई कंपनी सत्तूज बिहार सरकार के उद्यमी योजना के लाभ के साथ अपने सादगी भरे देशी प्रोडक्ट के बदौलत शार्क टैंक जैसे बड़े रियलिटी में सराहना बटोरने में कामयाब रही. अलग-अलग फ्लेवर में मौजूद यह ड्रिंक प्रोटीन और ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स से भरपूर,सत्तूज सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है—यह मीठे और प्रोसेस्ड पेयजल का एक हेल्दी विकल्प है. कंपनी के फाउंडर सचिन ने बताया कि उनकी कंपनी अपने प्रोडक्ट की बदौलत फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में,गोरुरल फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने 150 लाख का रेवेन्यू रिकॉर्ड किया जो मार्केट में इसके बढ़ते असर और सफलता को दिखाता है. वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवन्यू 180 लाख दर्ज किया गया है.

2022 में शुरू हुए स्टार्टअप कांग्नोसमड लोकल ब्रांड के लिए बन रहा वरदान

वहीं 2022 में भारत सरकार से मान्य प्राप्त करके शुरू हुए स्टार्टअप कांग्नोसमड लोकल फूड बेवरेज ब्रांड के लिए वरदान साबित हो रहा है. पेशे से साइंटिस्ट कंपनी के फांउडर अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने झांसी की एक यूनिवर्सिटी से पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने के बाद 15 साल तक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की. फिर साल 2022 में एक छोटे से कमरे से उन्होंने अपने स्टार्टअप की नींव रखी. जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने बिहार के लोकल बाजारों में बिक रहे फूड प्रोडक्ट की टेस्टिंग करके उससे ग्लोबली बेचने का लाइसेंस देते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनका स्टार्टअप बिहार में पहला ऐसा स्टार्टअप है जो फूड टेस्टिंग, पानी टेस्टिंग आयुर्वेदिक मेडिसिन की टेस्टिंग करता है. कांग्नोसमड ने साल 2025 में दिल्ली में हुए फूड इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने वाली जीविका दीदियों के आचार, पापड़ व अन्य सामग्री को प्रमाणित कर चुका है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवन्यू 12 लाख से अधिक दर्ज किया गया था. फाउंडर अजय अपने स्टार्टअप की सफलता के लिए नीतीश सरकार से मिलने वाले 10 लाख रुपये ऋण के साथ विभाग द्वारा दिए गये महत्वपूर्ण सलाह का सदैव आभार व्यक्त करते हैं.