बिहार के अतीत को नए अंदाज में दिखाने की तैयारी : पटना संग्रहालय के हेरिटेज भवनों का संरक्षण 6 महीने में होगा पूरा
पटना : बिहार की ऐतिहासिक धरोहर में शुमार पटना संग्रहालय को संरक्षित करने का काम भवन निर्माण विभाग की ओर से तेजी से किया जा रहा है. इसे आगामी छह महीने में पूरा कर लेने की संभावना है. इसके मूल स्वरूप को बरकरार रखते हुए पुराने भवनों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है.
इस परियोजना के दूसरे चरण में पुराने हेरिटेज भवनों के संरक्षण कार्य और इनकी दीर्घाओं को शामिल किया गया है. पहले चरण में परिसर में ही दो नई दीर्घाओं‘गंगा’और‘पाटली’का उद्घाटन किया जा चुका है. संग्रहालय के पुराने हेरिटेज भवन के संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है और मूल संरचना को बिना क्षति पहुंचाए इसे आधुनिक स्वरूप से सुसज्जित किया जा रहा है. परियोजना का सिविल कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है और इलेक्ट्रिकल कार्य चल रहा है.
इस मामले में भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि हेरिटेज भवनों के संरक्षण कार्य में काफी सावधानी बरती जा रही है,ताकि प्राचीन संरचनाओं को किसी तरह की क्षति न पहुंचे. इसे नया रूप देने में भी सुर्खी चूना जैसे पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग किया जा है. पुराने भवनों में प्रदर्श अधिष्ठापन के लिए आंतरिक कार्य प्रगति पर है. इसके अलावा प्रदर्श की कॉन्सेप्ट प्लानिंग का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है.
सचिव ने आगे बताया कि संग्रहालय में बचे हुए कार्य को अगले छह महीने में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. कार्य की प्रगति और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है. हेरिटेज भवन के संरक्षित होने के उपरांत पटना संग्रहालय में बिहार के गौरवशाली अतीत को नए अंदाज में प्रस्तुत कर सकेगा.
इस परियोजना के विस्तारिकरण के अंतर्गत संग्रहालय परिसर में गंगा दीर्घा एवं पाटली दीर्घा का निर्माण किया गया है. इसके अतिरिक्त2डी प्रेक्षागृह,अस्थायी प्रदर्शनी हॉल, संग्रहालय कार्यालय,संरक्षण प्रयोगशाला, 105लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक ऑडिटोरियम एवं कलाकृतियों को रखने के लिए आधुनिक तकनीक से युक्त भण्डार गृह का निर्माण भी किया गया है.
गंगा दीर्घा में खूबसूरत कलाकृतियों एवं कलात्मक चित्रण के माध्यम से बिहार में गंगा की यात्रा को7सांस्कृतिक क्षेत्रों से गुजरते हुए दर्शाया गया है. पाटली दीर्घा में पाटलिपुत्र के पूर्ण वैभव के बारे में मेगास्थनीज और फाह्यान जैसे यात्रियों के उदाहरणों को खूबसूरत कलाकृतियों एवं चित्रण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है.





