BIHAR NEWS : सरकारी दफ्तरों में सीधी मुलाकात का सिस्टम चालू, सप्ताह में दो दिन जनता से मिलेंगे अधिकारी

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुख्य महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल सात निश्चय-3 में इस बार ईज ऑफ लिविंग को विशेष तवज्जों दी गई है.इसमें लोगों की समस्याएं सुनना खासकर प्रशासनिक क्रिया-कलापों में आने वाली समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना प्रमुखता से शामिल है.इसके मद्देनजर सोमवार (19 जनवरी) से सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम की शुरुआत सभी विभागों से लेकर जिलों तक में की गई.गृह विभाग में इसकी तैयारी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश गृह विभाग की विशेष सचिव के सुहिता अनुपम ने जारी किया.ताकि इस कार्यक्रम का संचालन समुचित तरीके से किया जा सके और आने वाले फरियादियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.

अधिकारी-आमजन में मिटेगी दूरी

सरदार पटेल भवन स्थित गृह विभाग में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत सुनी जाने वाली जन समस्याओं में विभागीय अपर मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे.अपर मुख्य सचिव की अनुपस्थिति में अन्य अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनेंगे.इसके लिए सरदार पटेल भवन में ही नीचले तल पर लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है.यहां सभी फरियादियों का नाम,पता समेत पूरा विवरण रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा.किस तारीख में कितने लोग किन तरह की समस्याएं लेकर आए,इसका रिकॉर्ड रजिस्टर पर दर्ज होगा.फिर इन्हें पांच या छह लोगों के गुट में संबंधित अधिकारी समक्ष दूसरे तल पर लाया जाएगा.यहां इनकी समस्याएं सुनकर इनका तुरंत समाधान करने के लिए संबंधित प्रशाखा या अन्य स्थानों पर भेजा जाएगा.साथ ही आवश्यकता अनुरूप संबंधित पदाधिकारियों को उचित निर्देश भी दिए जाएंगे.ताकि समय पर उचित समाधान हो सके.

इस कार्यक्रम से पहले सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों और जिला स्तरीय कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारियों को इस कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से संचालित करने को लेकर एक प्रशिक्षण दिया गया. इसमें पदाधिकारियों को इसके लिए खासतौर से तैयार वेब पोर्टल पर “एसएसएस डॉट बिहार डॉट गव डॉट इन” अपना निबंधन कराने से लेकर अन्य सभी जरूरी विवरण को अपलोड करने की जानकारी दी गई. संबंधित तारीख में कितने शिकायतकर्ता आए और इनकी शिकायत किस पदाधिकारी ने सुनी इसका पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा. बाद में इन शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति भी दर्ज करने का प्रावधान है.