BIHAR NEWS : मधुबनी में 108 मीटर लंबे कैनवास पर रामायण की 51 कथाएं
मधुबनी: बिहार के मधुबनी से मिथिला की कला को दुनिया के मंच पर नई पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है. मिथिला चित्रकला संस्थान में108मीटर लंबे कैनवास पर रामायण की51कथाओं को चित्रित किया जा रहा है. इस अनूठी कलाकृति को विश्व रिकॉर्ड में शामिल कराने की तैयारी है. इसके लिए करीब160कलाकार दिन-रात जुटे हुए हैं.
मिथिला चित्रकला की पारंपरिक शैली में रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को कैनवास पर उकेरा जाएगा. कलाकारों ने108मीटर लंबे कैनवास का बॉर्डर तैयार कर लिया है. अब इसके भीतर रामायण की51थीम को मिथिला चित्रकला के रंगों और शैली में आकार दिया जाएगा.
इस पूरी परियोजना की खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में कलाकार एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. कलाकारों को इस ऐतिहासिक कलाकृति को पूरा करने के लिए जिम्मेदारी दी गई है. पूरी पेंटिंग में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा.
परियोजना से जुड़े कलाकारों और संस्थान का उद्देश्य मिथिला चित्रकला की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाना है. पद्मश्री सम्मानित कलाकारों की निगरानी में पेंटिंग का निर्माण कराया जा रहा है. इससे नई पीढ़ी के कलाकारों को भी पारंपरिक कला से जुड़ने का अवसर मिल रहा है.
108 मीटर लंबे कैनवास पर रामायण की51 कथाओं का चित्रण अपने आप में अनूठा प्रयास है. यदि यह परियोजना विश्व रिकॉर्ड में शामिल होती है, तो मधुबनी और मिथिला की कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिलेगी. यह प्रयास बिहार की सांस्कृतिक विरासत, कलाकारों की प्रतिभा और मिथिला की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
संजय कुमार की रिपोर्ट--





