BIHAR NEWS : पारस हेल्थ, पटना में पहली बार सफल लिवर एवं किडनी का संयुक्त प्रत्यारोपण
पटना :पारस हेल्थ, पटना ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अस्पताल का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया है. इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए चिकित्सकों की टीम ने एक ही मरीज का लिवर और किडनी का संयुक्त (सिमल्टेनियस) प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया. यह अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है और इसके सफल निष्पादन ने बिहार में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.42वर्षीय पुरुष मरीज, जो ईएसआरडी- ईण्ड स्टेज रिनल डिजीज यानी अंतिम चरण की किडनी फेल और सीएलडी- क्रोनिक लिवर डिजीज यानी लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे. डायलिस और दवाओं के बाद भी दोनों अंग काम नहीं कर रहे थे.
संयुक्त अंग प्रत्यारोपण देश के गिने-चुने केंद्रों में ही संभव है. इसमें एक साथ दो दाता सर्जरी और एक मरीज की सर्जरी, लगभग15-18घंटे तक टीम वर्क से की जाती है. इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेपेटोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, ओटी, आईसीयू नर्सिंग, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, फार्मेसी एवं अस्पताल प्रशासन सहित सभी विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
नेफ्रोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. शशि कुमार ने कहा कि "यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं है. यह बिहार के मरीजों के लिए एक नई उम्मीद है. अब ड्यूल ऑर्गन फेल वाले मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. मैं सभी दाता परिवारों, मरीज और पूरी टीम को हृदय से धन्यवाद देता हूँ. माँ और बेटे के इस त्याग को शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता."
लिवर ट्रांसप्लांट एंड जीआई सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. वैभव कुमार ने कहा कि "पारस हेल्थ, पटना में पहली बार सफल लिवर ट्रांसप्लांट और उसके साथ संयुक्त लिवर एवं किडनी प्रत्यारोपण का सफल होना पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है. अब ऐसे जटिल उपचार के लिए मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी. हमारी कोशिश है कि बिहार में ही विश्वस्तरीय ट्रांसप्लांट सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं."
जोनल डाइरेक्टर एवं वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. दीपक सिंह ने कहा कि "यह उपलब्धि पारस हेल्थ की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है. हम बिहार के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं. यह सफलता हमारी पूरी ट्रांसप्लांट टीम की मेहनत, समर्पण और विशेषज्ञता का परिणाम है." हमारा संकल्प है कि बिहार में विश्वस्तरीय मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट सुविधा को और अधिक सुलभ और किफायती बनाया जाए. पारस हेल्थ, पटना की यह ऐतिहासिक उपलब्धि बिहार में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अस्पताल भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से मरीजों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. अहमद अब्दुल हई निदेशक जेनेरल सर्जरी, लिवर ट्रांसप्लांट एंड जीआई सर्जरी के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. अंकुर र्गग, डॉ. कपिलदेव यादव, यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व चौधरी, गैस्ट्रो टीम से डॉ सत्यम सिंहा, डॉ. करण भार्गव, डॉ. शाहिद सिद्दीकी नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. जमशेद अनवर, डॉ. विकास कुमार, ब्लड बैंक से डॉ. शांतनु, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. विनिता सिन्हा और एनिस्थिसिया के डॉ. नारायण ने भी अपने विचार व अनुभव साझा किये.
पारस हेल्थ के बारे में
पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया. यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है.





